शाहजहांपुर / मोदीनगर (गाजियाबाद)। जलालाबाद के गांव कोठी वाला बाग स्थित पिटारमऊ साधन सहकारी समिति के सचिव राजीव त्रिवेदी का शव दिल्ली-मेरठ मार्ग पर राज चौपला स्थित शिवम होटल में शनिवार सुबह जीने (सीढ़ी) की ग्रिल से लटका मिला। शाहजहांपुर निवासी राजीव खुद को व्यापारी बताकर दो दिन से होटल में ठहरे हुए थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच पड़ताल की।
शाहजहांपुर के रहने वाले राजीव कुमार त्रिवेदी (41) बृहस्पतिवार को शिवम होटल में ठहरे थे। राजीव ने होटल के रजिस्टर में व्यापारी बताकर एंट्री की थी और कारोबार के सिलसिले में मोदीनगर आने का कारण बताया था। बताया गया कि शनिवार सुबह संचालक सौरभ मित्तल होटल की प्रथम मंजिल पर गए तो वहां राजीव का शव सीड़ियों की ग्रिल पर फंदे पर लटका मिला। सीओ सुनील कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना की सूचना राजीव के परिजन को दे दी गई है। मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। होटल संचालक सौरभ मित्तल ने बताया कि राजीव कुमार त्रिवेदी ने रजिस्टर में स्वयं एंट्री की थी। घटना के बाद रजिस्टर में दर्ज नंबरों पर कॉल की गई तो वे गलत निकले। इसके बाद पुलिस ने राजीव की जेब से बरामद एक पर्ची पर लिखे मोबाइल नंबर पर कॉल किया तो उसके बेटे वैभव का निकला। वैभव ने पुलिस को जानकारी दी कि उसके पिता काफी समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे तथा घर से बगैर बताए लापता हो गए थे।
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बरेली के लिए निकले थे, गाजियाबाद में मिला शव
शाहजहांपुर के आवास विकास कालोनी में रह रहे राजीव परिजन से बरेली जाने की बात कहकर निकले थे। शनिवार सुबह मौत की जानकारी मिलने पर परिजन घटनास्थल को रवाना हो गए है।
बंडा क्षेत्र के गांव मुड़िया छावनी निवासी करीब 52 वर्षीय राजीव त्रिवेदी बीते करीब डेढ़ दशक से जलालाबाद की पिटारमऊ साधन सहकारी समिति में सचिव पद पर तैनात थे। उनके पास मनोरथपुर व गुरुगवां समितियों का भी अतिरिक्त चार्ज था। उनकी पत्नी व बच्चे शाहजहांपुर की आवास विकास कॉलोनी में रहते थे। बताते हैं कि वह पिछले कुछ दिनों से किसी बात को लेकर काफी परेशान थे। उनके सहयोगी जगदीश ने बताया कि मंगलवार को राजीव कोठी वाला बाग में बनी समिति के एक कमरे में रुके थे और सुबह जल्दी यहां से चले गए। इसके बाद वह आवास विकास अपने परिवार के पास चले गए।
बृहस्पतिवार सुबह उन्होंने बरेली जाने की बात कही। इसके बाद बाइक से उनका बेटा उन्हें बरेली मोड़ छोड़कर घर लौट आया। इसके बाद से राजीव त्रिवेदी के बारे में कुछ पता नहीं लगा। उनका मोबाइल भी घर पर ही था।
एडीओ (को-ऑपरेटिव) अश्वनि पांडेय ने बताया कि परिजन के माध्यम से उन्हें जानकारी मिलने पर यह सूचना अधिकारियों को दी गई। बताया कि सहकारिता के सहायक निबंधक गणेश गुप्ता के निर्देश पर उन्होंने एडीसीओ प्रह्लाद सिंह के साथ पिटारमऊ सहित गुरुगवां व मनोरथपुर स्थित समितियों के कार्यालयों को सील कर दिया है ताकि वहां रखे सरकारी अभिलेखों से छेड़छाड़ न हो सके।