शाहजहांपुर। आकाश और सौरभ के टंकी से गिरने की वजह शनिवार दूसरे दिन भी स्पष्ट नहीं हो सकी। हादसे से करीब आधा घंटे पहले आकाश की अपने पिता रामपाल और सौरभ की अपनी पत्नी भारती से बात हुई थी। मोबाइल की कॉल डिटेल न मिल पाने की वजह से पुलिस कुछ स्पष्ट कहने की हालत में नहीं है। अब तक की छानबीन में दोनों की मौत हादसा में होने की ही आशंका है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के ककरा खुर्द मोहल्ले में बस्ती के बीच पानी की टंकी है, जिस पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। शुक्रवार रात करीब सवा आठ बजे चौक आला खां मक्कू बजरिया मोहल्ला निवासी अमित प्रजापति उर्फ आकाश (28) पुत्र रामपाल और सौरभ (25) पुत्र मुकेश की ककरा खुर्द स्थित टंकी से नीचे गिरकर मौत हो गई थी। दोनों आपस में दोस्ती थे। आकाश केमिकल इंजीनियर था, जो एक प्राइवेट फैक्टरी में काम करता था। सौरभ एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर था। सदर कोतवाली पुलिस शनिवार को दिनभर इस मामले की छानबीन में जुटी रही। हद्दफ चौकी इंचार्ज शनिवार दोपहर दोबारा मौके पर गए टंकी के ऊपर जाकर देखा। पुलिस के मुताबिक टंकी के नीचे कोल्डड्रिंक की खाली बोतल और ग्लास पड़े थे। टंकी के ऊपर कुछ नहीं मिला। टंकी के ऊपरी हिस्से पर लोहे की रेलिंग बनी है। पुलिस का मानना यह भी है कि किसी तरह पहले एक गिरा होगा, दूसरा उसे बचाने के चक्कर में गिर गया होगा।
उधर, पिता रामपाल ने बताया कि उन्होंने हादसे से 25 मिनट पहले खाना खाने के लिए आकाश को फोन किया था। उसने जवाब में अभी आने की बात कही थी। वह तो घर नहीं आया, लेकिन उसके गिरने की मनहूस सूचना पहुंच गई। उधर, हादसे से करीब आधा घंटे पहले सौरभ को उसकी पत्नी भारती ने खाना खाने के लिए बुलाने को फोन किया था। उसने भी थोड़ी देरी में आने को कहा था।
गर्रा घाट पर दो की जलीं चिताएं
पोस्टमार्टम के बाद आकाश और सौरभ के शव घर ले जाए गए तो परिवार में कोहराम मच गया। अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। देर शाम दोनों की घर से एक साथ अंतिम यात्रा शुरू हुई, जो गर्रा घाट जाकर समाप्त हो गई। जहां दोनों की आसपास चिताएं सजाई गईं और अंतिम संस्कार किया गया।
दोनों के गिरने का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हुआ है। शनिवार होने की वजह से मोबाइल की कॉल डिटेल भी नहीं मिल सकी। परिवार वालों से भी ज्यादा बातचीत नहीं हो सकी। मौके के हालात को देेखते हुए ऐसा लगता है कि एक को बचाने के चक्कर में दूसरा गिरा हो। फिलहाल छानबनी जारी है। - अशोक पाल, इंस्पेक्टर सदर कोतवाली