शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज के पीछे बुधवार सुबह निर्माणाधीन इमारत में संदिग्ध अवस्था में एक शव मिला। शव लिफ्ट के लिए बनाए गए गड्ढे में भरे पानी में उतरा रहा था। मजदूरों ने शव देखा तो ठेकेदार को सूचना दी। शव की शिनाख्त नहीं हो सकी।
चौक कोतवाली क्षेत्र के राजकीय मेडिकल कॉलेज के पीछे 2015 से 100 बेड के अस्पताल की बिल्डिंग बन रही है। कोविड-19 के दौरान काफी समय तक निर्माण बंद रहा था। बुधवार सुबह करीब दस बजे काम करने के लिए मजदूर पहुंचे तो उन्होंने बिल्डिंग के अंदर बन रही लिफ्ट के खोदे गए गड्ढे में भरे पानी में एक व्यक्ति का शव देखा। मजदूरों ने इसकी सूचना चौकीदार अमरीश को दी। निर्माणदायी संस्था गाजियाबाद अनिल कुमार एंड कंपनी की तरफ से देखरेख करने वाले अयोध्या शुक्ला को जानकारी हुई।
मौके पर भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को गड्ढे से बाहर निकलवाया। उसके कपड़ों की तलाशी ली गई, लेकिन ऐसे कोई चीज नहीं मिली, जिससे उसकी पहचान हो सकती। शव के शरीर पर जींस पैंट, शर्ट, स्वेटर था। पुलिस ने आसपास के लोगों से बात कर शव की शिनाख्त करने का प्रयास किया। लिफ्ट के पास एक बियर की बोतल और चश्मा पड़ा मिला है।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एयूपी सिन्हा ने बताया कि सूचना मिलने पर स्टाफ भेेजा था। गार्ड के माध्यम से वार्ड में भर्ती मरीजों से पूछताछ की जा रही है कि कहीं उनका कोई परिजन तो नहीं है, लेकिन शव की शिनाख्त नहीं हो सकी है। शव को मार्चरी में रखवा दिया है।
एसपी एस. आनंद ने बताया कि शव की शिनाख्त करने की कोशिश की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।
शव निकालने में हुई देरी, लगाई फटकार
मेडिकल कॉलेज में बनी चौकी पर तैनात पुलिसकर्मी तुरंत पहुंच गए, लेकिन शव को गड्ढे से बाहर नहीं निकाला गया। मेडिकल कॉलेज तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को सूचना देकर बुलाया। उनको आने में करीब डेढ़ घंटे का समय लग गया। चौक कोतवाली प्रभारी हरपाल सिंह बालियान जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने पुलिसकर्मियों को फटकारा। दरोगा से कहा कि ग्लब्स पहनो और सिपाहियों के साथ तुरंत शव को बाहर निकालो। तब तक राजकीय मेडिकल कॉलेज के तीन-चार कर्मचारी आ गए और शव को बाहर निकाला।