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अल्हागंज थानाध्यक्ष समेत तीन और की कोरोना से मौत

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शाहजहांपुर। जिले में कोरोना का कोहराम थमने का नाम नहीं ले रहा है। बृहस्पतिवार को अल्हागंज थानाध्यक्ष समेत तीन और लोगों की कोरोना से मौत हो गई। इसमें दो महिलाएं शामिल हैं। जैतीपुर की महिला के बेटे ने मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर किया। काफी समझाने के बावजूद युवक शांत नहीं हुआ सीएमएस ने पुलिस बुला ली। पुलिस के समझाने पर युवक शांत हुआ। कोरोना से मरने वालों की संख्या अब 14 हो गई है।
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अल्हागंज थानाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह भदौरिया (48) उन्नाव जिले के गांव फतेहपुर चौराही के रहने वाले थे। पिछले महीने ही उनकी अल्हागंज थाने में तैनाती हुई थी। इससे पहले वह सिंधौली के थानाध्यक्ष थे। दो सप्ताह पहले वह इंस्पेक्टर की ट्रेनिंग करके आए थे। ट्रेनिंग से लौटने के बाद उनका सैंपल लेकर जांच को भेजा गया था। जांच रिपोर्ट आने के बाद उन्हें आइसोलेट किया गया था। हालत बिगड़ने पर उन्हें पीजीआई लखनऊ जे जाया गया। बृहस्पतिवार सुबह पीजीआई में उन्होंने दम तोड़ दिया।
जैतीपुर ब्लॉक के गांव मरुआझाला निवासी महिला की बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज में कोरोना से मौत हो गई। वह 60 वर्ष की थी। मृतका के पुत्र ने बताया कि उनकी मां शुगर और हार्ट पेशेंट पहले से ही थीं। कुछ दिन पहले उनका घर पर ही कूल्हा टूट गया था। इस पर उन्हें बरेली के रामपुर गार्डन स्थित प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था। वहीं उनकी कोरोना जांच भी कराई गई, जो पॉजिटिव आई। रिपोर्ट आने के बाद 23 जुलाई को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। मेडिकल कॉलेज के एल-2 कोविड अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। बेटे ने बताया कि बुधवार को मां से उनकी तथा पिता की बात भी हुई थी, तब वह बिल्कुल ठीक थीं। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर्स पर आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी मां की सही ढंग से देखभाल नहीं गई। इधर, डॉक्टर पर कार्रवाई होने पर मां के अंतिम संस्कार करने की चेतावनी दी। इसके साथ ही हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जैसे-तैसे उसे और अन्य घरवालों को समझाकर मृतका का अंतिम संस्कार कराया।
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इसी तरह शहर के मोहल्ला कटियाटोला निवासी किराना व्यवसायी की 35 वर्षीय पत्नी की गाजियाबाद में कोरोना से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार कटियाटोला (चूड़ी वाली गली) निवासी व्यवसायी और उसकी पत्नी की चार-पांच दिन पहले रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद इलाज के गाजियाबाद चले गए। वहीं अस्पताल में व्यापारी का मां का भी इलाज चल रहा था। मां को टाइफाइड बताया जा रहा है। व्यापारी की मां और पत्नी आईसीयू में भर्ती थे, जबकि स्वयं किराना व्यवसायी सामान्य रूप से कोरोना का इलाज करा रहा है। इलाज के दौरान व्यवसायी की पत्नी की मौत हो गई।
किसी भी रोगी के साथ लापरवाही नहीं बरती जाती है, इस प्रकार के आरोप बेबुनियाद हैं। जैतीपुर की महिला 23 जुलाई को भर्ती हुई थी, तब से उसकी अच्छी तरह से देखभाल की जा रही थी। उसकी परेशानी को देखते हुए व्हीलचेयर तक उपलब्ध कराई गई थी।
- डॉ. एयूपी सिन्हा, सीएमएस
सिपाही पद पर भर्ती हुए, 15 दिन पहले बने थे इंस्पेक्टर
अल्हागंज। उन्नाव के थाना फतेहपुर निवासी इंद्रजीत सिंह भदौरिया पुलिस में वर्ष 1989 में सिपाही के पद पर भर्र्ती हुए थे। नौकरी करते हुए विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद वह एसआई बने। अफसरों ने उनकी कर्मठता और कार्य करने की क्षमता को देखकर थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी दे दी। इंस्पेक्टर पद पर प्रमोशन मिलने के बाद वह 15 दिन की ट्रेनिंग के लिए मेरठ चले गए। ट्रेनिंग से लौटने के बाद उन्हें अल्हागंज थाने में ही तैनाती दे दी गई। साथी पुलिस कर्मियों के मुताबिक इंद्रजीत बेहद व्यवहार कुशल थे। संवाद
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