पुवायां। तबादले के बाद तत्कालीन तहसीलदार के बैक डेट में सादे कागजों पर किए गए आदेशों के मामले में डीएम के रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिए पांच दिन हो गए हैं, लेकिन अब तक तहरीर ही नहीं दी गई है। इसको लेकर तहसील में तमाम तरह की चर्चाएं हैं।
पुवायां में तैनात रहे तहसीलदार अरुण सोनकर का 30 अप्रैल को तहसीलदार न्यायिक के पद पर सदर तहसील के लिए तबादला हो गया था। वर्तमान तहसीलदार राघवेश मणि त्रिपाठी की शिकायत पर डीएम ने एडीएम न्यायिक से जांच कराई तो पता चला था कि 12 फाइलों में तत्कालीन तहसीलदार अरुण सोनकर ने बैक डेट में बार कोड वाले कागजों के स्थान पर सादे पन्ने पर आदेश जारी किए थे।
डीएम ने 30 जून को राजस्व परिषद के अध्यक्ष को पत्र भेजकर तत्कालीन तहसीलदार के निलंबन को और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति के साथ ही तहसीलदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश दिया था।
एसडीएम चित्रा निर्वाल ने चार जुलाई को बताया था कि तहरीर तैयार हो गई है। पांच जुलाई को एसडीएम ने बताया कि तहरीर आज ही दी जाएगी, लेकिन थाना प्रभारी रवि किरन सिंह ने बताया कि रात आठ बजे तहरीर नहीं मिली थी। तहरीर मिलती है तो अधिकारियों को अवगत कराया जाएगा और जो निर्देश मिलेंगे, उनके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
तहसीलदार नहीं उठाते कॉल, लोग परेशान
शासन के साथ ही डीएम के भी सख्त निर्देश कैं कि सभी अधिकारी सीयूजी नंबर पर आने वाली कॉल रिसीव करेंगे और समस्या को सुनकर निस्तारण कराएंगे, लेकिन तहसीलदार के कॉल रिसीव नहीं करने से लोग समस्या नहीं बता पाते हैं। मीडिया के लोग भी तहसीलदार से पक्ष जानने को कॉल करते हें, लेकिन कभी भी कॉल रिसीव ही नहीं की जाती है। खुटार के नायब तहसीलदार भी कॉल रिसीव नहीं करते हैं।
सादे कागजों पर हस्ताक्षर करने की 12 फाइलें मिलने के मामले में आज ही तहरीर दी जाएगी और रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
- चित्रा निर्वाल, एसडीएम पुवायां