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वाहन पार्किंग का ठिकाना बन गए कलक्ट्रेट और विकास भवन परिसर, निकलना हुआ दूभर

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शाहजहांपुर में जजी कचहरी के पश्चिमी गेट के पास सड़क को घेरकर खड़े किए गए वाहन। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। विकास भवन और कलक्ट्रेट के अहाते लंबे समय से वाहनों को खड़ा करने का ठिकाने बने हैं। यहां दोपहिया और चार पहिया वाहनों की इतनी भरमार रहती है कि दोनों परिसर पार्किंग स्थल में तब्दील हो चुके हैं। दोपहर के वक्त कचहरी के काम से आने वाले वकीलों और वादकारियों से लेकर जन सामान्य को अपने वाहन खड़े करना तो दूर, सरकारी कार्यालयों तक जाने के लिए वाहनों के बीच से निकलना दूभर हो रहा है। हालांकि, मुख्यमंत्री के फरमान पर बृहस्पतिवार को अधिकारी चेते और उन्होंने कलक्ट्रेट गेट के सामने वाले मार्ग के किनारे खड़े किए गए वाहन सख्ती से हटवा दिए, लेकिन दोनों भवन परिसरों में खड़े किए गए वाहन नहीं हटाए गए।
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कलक्ट्रेट में पार्किंग ठेका नहीं होने से बढ़ी समस्या
पहले दोनों सरकारी भवनों के परिसरों में वाहन स्टैंड का ठेका होता था। तीन वर्ष पूर्व तत्कालीन डीएम अमृत त्रिपाठी ने कलक्ट्रेट परिसर में वाहनों की संख्या बढ़ती देख वहां का वाहन स्टैंड ठेका बंद करा दिया और केवल विकास भवन में वाहन स्टैंड बनाने की अनुमति दी। साथ ही कलक्ट्रेट और कचहरी आने वालों के वाहन खड़े करने के लिए जीआईसी कॉलोनी के आवासों के सामने खाली जमीन का ठेका कराया था, लेकिन वहां भी इतने वाहन खड़े होने लगे कि बाद में आने वालों के लिए जगह मिलनी कठिन हो गई। दो दिन पहले विकास भवन के कर्मचारी सीडीओ श्याम बहादुर सिंह को ज्ञापन देकर विकास भवन अहाते में बाहरी लोगों द्वारा खड़े किए जा रहे वाहन हटाने की मांग कर चुके हैं।
सूने पड़े रहते हैं कई वाहन पार्किंग स्थल
कलक्ट्रेट और जजी परिसर के पास वाहनों की भरमार रोकने के लिए निवर्तमान डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने जिला कारागार के पीछे और गोविंदगंज फ्लाईओवर के नीचे वाहन पार्किंग स्थल व्यवस्थित कराए थे। वाहन खड़े करने को यह दोनों ठिकाने इस मकसद से बनाए गए कि कोर्ट-कचहरी के अलावा बहादुरगंज और सदर बाजार में खरीदारी करने वाले लोग अपने वाहन बाजारों में सड़क के किनारे रोकने के बजाय वहां खड़े कर सकें, लेकिन इन दोनों स्थानों पर कभी-कभार गिने-चुने वाहन खड़े दिखाई देते हैं। लोग आबादी से दूर इन स्थानों पर वाहनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं क्योंकि इन स्थानों का ठेका नहीं होने से वहां ठेकेदार अथवा अन्य कोई जवाबदेह व्यक्ति नहीं रहता।
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पुलिस के सख्ती दिखाने पर मची खलबली
मुख्यमंत्री ने बीते दिन शहरों में सड़कों के किनारे अवैध पार्किंग स्थल पर नाराजगी जताई तो अधिकारियों की तंद्रा भंग हो गई। बृहस्पतिवार को रोजाना की तरह विकास भवन और कलक्ट्रेट परिसर समेत मुख्य मार्ग पर दोनों ओर दुपहिया और फोर व्हीलर खड़े किए जाने लगे। सुबह करीब 10.30 बजे एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी, सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह और सीओ सिटी सरवणन टी. के साथ पुलिस फोर्स लेकर कलक्ट्रेट के गेट पर जा पहुंचे। पुलिस ने वाहनों पर डंडे बरसाए। पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस तिराहा से लेकर सुदामा स्कूल चौराहे तक अधिकारियों ने सभी वाहन सख्ती से हटवा दिए। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव अग्निहोत्री एडीएम समेत अन्य अधिकारियों से मिले और रोड को वाहनों से खाली कराने में वकीलों से अपेक्षित सहयोग दिलाने का वायदा किया।
मुख्यमंत्री से मिले दिशा निर्देशों के तहत कलक्ट्रेट गेट के सामने वाला मार्ग वाहनों से खाली करा लिया है। कलक्ट्रेट में और विकास भवन परिसर में वाहनों की भरमार अब समस्या बनने लगी है। विकास भवन के पार्किंग ठेकेदार को निर्धारित स्थान पर वाहन खड़े कराने के निर्देश दिए गए हैं। कलक्ट्रेट में खड़े होने वाले वाहनों के लिए उचित समाधान तलाशा जा रहा है। -रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन
-सड़क सुरक्षा एक माह तक मनाया जाएगा। दूसरे फेस में चालान की कार्रवाई की जाएगी। जनपद में अवैध बस स्टैंड का संचालन नहीं हो रहा। अनाधिकृत टेंपो स्टैंड भी नहीं है। नगर निगम और नगर पंचायत से वार्ता कर एक स्थान तय करने के लिए वार्ता की गई। ई-रिक्शे के लिए स्टैंड और रूट के लिए भी वार्ता की गई। बाजार में दुकानदार वाहन को पार्किंग में खड़ा करें। -एस आनंद, एसपी
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