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विकास का रास्ता खोलेगा सुखना पर बनने वाला पुल

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शाहजहांपुर के खुदागंज क्षेत्र में बमिहाना गांव के पास सुखना नदी के प्रस्तावित पुल के निर्माणाधी - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर/ खुदागंज। विकास की दृष्टि से पिछड़ा ब्लॉक कटरा-खुदागंज क्षेत्र में बरेली जनपद की सीमा पर बसे दो दर्जन गांवों को बहुत जल्द विकास की मुख्य धारा में शामिल होने का मौका मिल जाएगा। इस क्षेत्र में पथरा और बमिहाना गांव के बीच सुखना नदी पर 2.75 करोड़ रुपये की लागत से पुल प्रस्तावित है।
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सुखना नदी पर 2.75 करोड़ की लागत से तीन मीटर चौड़े और 18 मीटर लंबे बनने वाले पुल का निर्माण पूरा होने पर इस ब्लॉक क्षेत्र के पश्चिमी छोर पर बसे दो दर्जन से अधिक गांवों का बरेली जनपद और वहां की फरीदपुर तहसील से सीधा जुड़ाव हो जाएगा। साथ ही हुलासनगरा क्रासिंग पर जाम की दशा में यह पुल लखनऊ-दिल्ली नेशनल हाईवे के ट्रैफिक के लिए अन्य वैकल्पिक मार्ग भी खोलेगा। पुल के लिए एक करोड़ रुपये चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में अवमुक्त हो चुके हैं। बरेली की कार्यदायी संस्था को पहले कोरोना प्रकोप और बाद में बरसात शुरू हो जाने के कारण काम रोकना पड़ा, लेकिन अब बारिश का जोर धीमा पड़ने के साथ पुल के दोनों ओर एप्रोच रोड का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
नदी पार करने को लकड़ी का पुल और पुरानी नाव का सहारा
खुदागंज। बमिहाना के प्राचीन देवी मंदिर के पास स्थित नदी के घाट पर पुल नहीं होने के कारण क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लोगों को दस किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। यहां के लोगों ने इस समस्या के निदान को स्थानीय जन प्रतिनिधियों और अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन हर पांच साल बाद वोट मांगने वाले किसी भी माननीय ने इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया। इस कारण ग्रामीणों की समस्या जस की तस बनी रही। वर्तमान में इन गांवों के लोगों को नदी पार करने के लिए नाव एवं बांस के पुल का सहारा लेना पड़ रहा है।
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बमिहाना घाट पर पुल नहीं होने से नदी के दूसरी ओर विकासखंड खुदागंज के गांवों के लोगों को बाजार से दवा अथवा गृहस्थी का सामान लाने के लिए पीलीभीत जिले के बीसलपुर होकर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है।
पुल से इन गांवों को होगा प्रत्यक्ष लाभ
खुदागंज। बरसात के समय में क्षेत्र के गांव रामपुर जयचंद, होशीपुर, बरसिया, कुआंडांडा आदि गांव के लोगों को जिला मुख्यालय तक जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बमिहाना समेत आसपास के रामपुर जयचंद आदि गांवों के निवासी आदित्य सिंह, भीकम सिंह, नेमपाल सिंह, संतोष कुमार के अनुसार बारिश के मौसम में उन लोगों को ब्लॉक अथवा जिला मुख्यालय जाने के लिए काफी कठिनाई उठानी पड़ती है। बमिहाना के ग्रामीणों के अनुसार ग्राम पंचायत एक है, मगर नदी के कारण गांव दो भागों में है। इस कारण गांव के नदी पार वाले हिस्से और उधर के अन्य गांवों का विकास कार्य भी प्रभावित हो रहा है। नदी के दूसरी ओर स्थित गांव रामपुर जयचंद के नव निर्वाचित प्रधान प्रमोद सिंह का कहना है कि गांव तक आने के लिए एकमात्र रास्ता नदी पर बना लकड़ी के पटरों और बांस का बना पुल है। बारिश के सीजन में अस्थायी पुल बंद होने पर खतरों से खेलते हुए नाव से नदी पार करनी पड़ती है। ग्रामीण आपस में चंदा करके लकड़ी का अस्थायी पुल बनाते हैं। मानसून सीजन में पुल के ऊपर पानी आ जाता है। इस तरह लकड़ी के पुल की व्यवस्था वर्ष में केवल छह माह कारगर रहती है।
पुल के दोनों ओर 1.30 किमी संपर्क मार्ग बनाया जाना है। इसमें मुख्य पहुंच मार्ग केवल 70 मीटर लंबा होगा, लेकिन उसे सथरापुर और बमियाना गांव से जोड़ने के लिए बाईं ओर 550 मीटर और दाईं ओर 680 मीटर संपर्क मार्ग बनेगा। पुल सहित संपर्क मार्ग के निर्माण की कार्य पूर्ति अवधि 24 फरवरी 2022 निर्धारित है, लेकिन बरेली की कार्यदायी संस्था एएम बिल्डर्स के ठेकेदार जावेद खां को सभी निर्माण कार्य नियत अवधि नौ माह से पहले पूरे कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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-आरके पिथौरिया, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (प्रांतीय खंड)
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