तिलहर (शाहजहांपुर)। हरिद्वार-वाराणसी गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जिले में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई लगभग पूरी हो चुकी है। भूमि अधिग्रहण संबंधी दस्तावेजों का मिलान करने के बाद कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) को सौंप दिए जाएंगे। इसके बाद एक्सप्रेस-वे का निर्माण शुरू होगा।
तहसीलदार तृप्ति गुप्ता ने बताया कि तिलहर तहसील के आठ गांवों की अधिग्रहित हुई 97.9744 हेक्टेयर जमीन के 1445 बैनामे हो चुके हैं। इसमें करीब ढाई हेक्टेयर भूमि सरकारी शामिल है। उन्होंने बताया कि जलालाबाद तहसील के सर्वाधिक 28 गांव की 293.717 हेक्टेयर और सदर तहसील के पांच गांवों की 55.467 हेक्टेयर भूमि सहित जनपद की कुल 447.159 हेक्टेयर भूमि गंगा एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहित की गई है। उन्होंने बताया कि सभी दस्तावेजों का मिलान करने के बाद बैनामे की मूल प्रति और खतौनी कार्यदायी संस्था यूपीडा को सौंपे जाने की तैयारी की जा रही है। गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण शीघ्र किया जाना प्रस्तावित है।
गंगा एक्सप्रेस-वे शाहजहांपुर की तहसील तिलहर, जलालाबाद और सदर के 41 गांवों से होकर गुजरेगा। पहले यह एक्सप्रेस-वे मेरठ से प्रयागराज तक प्रस्तावित था और इसकी दूरी 594 किलोमीटर निर्धारित थी, लेकिन अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे हरिद्वार से वाराणसी तक बनाना प्रस्तावित किया है। अब इसकी दूरी 745 किलोमीटर होगी। इसके निर्माण की लागत 36,402 करोड़ों रुपये तय की गई है। इस गंगा एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद शाहजहांपुर के लोगों को हरिद्वार जाने के लिए आधा सफर तय करना होगा। यह एक्सप्रेस वे सिक्स लेन का होगा। पूर्वांचल के जिलों का एनसीआर के साथ दिल्ली तक सड़क मार्ग से सीधा संपर्क होगा।
इन जिलों से गुजरेगा हाईवे
इस गंगा एक्सप्रेसवे में हरिद्वार से मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज होकर वाराणसी तक कई जिले शामिल है।
तिलहर के ये गांव हैं शामिल
तिलहर तहसील के 8 गांवों में गांव घसा कल्याणपुर, रामपुर, खादर, खेड़ाघसा उर्फ पृथ्वीपुर, रपाड़िया, खारम घसा, मथुरा, खमरिया और खिरियारतन शामिल हैं।