शाहजहांपुर। जनपद के लोकतंत्र रक्षक सेनानियों ने शुक्रवार को कांग्रेस शासन में वर्ष 1975 में आज ही के दिन लागू किए गए आपातकाल की याद में काला दिवस मनाया। उन्होंने कलक्ट्रेट में कांग्रेस विरोधी नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
साथ ही भारतीय लोकतंत्र रक्षक सेनानी समिति की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट राजेश कुमार को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देकर आपातकाल जैसे लोकतंत्र विरोधी कानून को पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय के तौर पर शामिल करने के साथ अपनी अन्य मांगों को पूरा किए जाने की मांग की।
प्रदर्शन से पहले समिति के ब्रज विहार कॉलोनी स्थित कार्यालय मेें हुई सभा में आपातकाल के दौरान जन सामान्य पर किए गए जुल्मों की कड़ी भर्त्सना की गई। सभा की अध्यक्षता करते हुए समिति के जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सत्ता पर काबिज रहने के लिए आपातकाल जैसा कानून लागू कर तमाम निरपराध गैर कांग्रेसी नेताओं को जेलों में ठूंस दिया। बाद में न्यायपालिका का शासन स्थापित करने के लिए जय प्रकाश नारायण ने आंदोलन चलाकर संपूर्ण क्रांति के जरिए देश को इस काले कानून से मुक्त कराया।
ज्ञापन में केंद्र सरकार के सबका साथ-सबका विकास नारे का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इस नारे से आपातकाल पीड़ित लोकतंत्र रक्षकों को बाहर रखा गया है और इसीलिए गत सात वर्ष के दौरान उनकी किसी भी प्रार्थना को सरकार के स्तर से स्वीकार नहीं किया गया।
लोकतंत्र रक्षक सेनानी भाजपा की सरकार में कांग्रेस को नीचा दिखाने में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। इसलिए सरकार को उनके हितों की चिंता करनी चाहिए।
प्रदर्शन में रामबाबू खडेलवाल, राधा कृष्ण गुप्ता, वारिस अली खां, सईदा बेगम, शंकर लाल, रईस मियां, नबी शेर, संतराम, रामसागर आदि शामिल रहे। संवाद