गांव मझिगवां में चौपाल पर चर्चा करते लोग।
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पुवायां। चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है, ऐसे में गांवों में चौपालों पर अब चुनाव ही चर्चा ही मुख्य विषय है। कौन जीतेगा, कौन हारेगा और हारने के लिए क्या कारण जिम्मेदार होंगे, इन पर चर्चा के साथ की सरकारों की तुलना भी की जा रही है। मंगलवार को गांव मझिगवां में चौपाल में लोग चुनावी चर्चा में मशगूल दिखे। लोगों को सबसे ज्यादा समस्या आवारा पशुओं को लेकर है।
मझिगवां बस स्टैंड के पास चौपाल में बैठे गांव जुझारपुर के राजकुमार का कहना था कि सबसे ज्यादा छुट्टा पशुओं से दिक्कत है। किसानों को भीषण सर्दी में भी रात-रात भर जागकर फसलों को बचाना पड़ रहा है। गांव जलालपुर के इंद्रजीत सिंह बोले कि उनके गांव से कुछ दूर टोल प्लाजा है। टोल टैक्स के पांच किमी क्षेत्र के लोगों को टोल टैक्स से छूट दी जानी चाहिए। टोल में छूट नहीं मिलने के कारण लोगों को बड़ी परेशानी होती है। गांव मझिगवां के संजय सक्सेना ने कहा कि सरकार को महंगाई को कंट्रोल करना चाहिए। डीजल, पेट्रोल के रेट बढ़ने से महंगाई बेकाबू हो गई है। खाद्य तेल सहित तमाम वस्तुओं पर महंगाई बढ़ी है। रसोई गैस के दाम भी लोगों को परेशान कर रहे हैं।
गांव विक्रमपुर के सुजीत कुमार ने कहा कि भाजपा सरकार में गुंडागर्दी कम हुई है। विकास भी हुए हैं, लेकिन महंगाई बढ़ी है, जिससे लोग परेशान हैं। गुरविंदर सिंह ने कहा कि सरकार ने निजी नलकूप और गांव की बिजली लाइनें अलग- अलग कर दी हैं। नलकूप वाली लाइन पर बिजली सात से आठ घंटे मिल रही है। गांव की लाइनों पर बिजली ठीक मिल रही है। नलकूप की लाइनों पर भी बिजली आपूर्ति बढ़नी चाहिए। गोपाल मिश्रा ने कहा कि नेता शिक्षित होना चाहिए, जिससे वह क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा दे सके। लोग शिक्षित होंगे, तभी उन्नति हो सकेगी और विकास हो सकेगा। गंगाराम ने कहा कि क्षेत्र में कारखाने लगने चाहिए, जिससे युवाओं को रोजगार मिल सके। रोजगार मिलने से लोगों की आर्थिक स्थित ठीक होगी और क्षेत्र से प्रतिभाओं का पलायन रुक सकेगा।