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Shahjahanpur News: स्कूलों के विलय के विरोध में बच्चों ने शिक्षकों के साथ किया प्रदर्शन

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सिंधौली में स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते बच्चे। स्रोत: वीडियो ग्रेब
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शाहजहांपुर। 40 छात्र संख्या से कम वाले विद्यालयों को विलय करने के निर्देश आने के बाद शिक्षक परेशान हैं। प्रदर्शन में बच्चे शिक्षकों का साथ दे रहे हैं। उधर, बीएसए ने संबंधित ब्लॉकों से ऐसे स्कूलों के प्रस्ताव मांगे हैं। उनके आने पर विचार किया जाएगा कि विलय किया जाना है या नहीं।
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सिंधौली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय मढिया दीनातारा को विलय करने की सूचना पर बच्चों का गुस्सा फूट पड़ा। बच्चों ने विद्यालय में प्रदर्शन कर विरोध जताया। उनका कहना था कि काफी प्रयासों के बाद लगभग बीस साल पहले गांव में प्राथमिक विद्यालय के रूप में शिक्षा की किरण पहुंची थी। उसे विद्यालय विलय की नीति फिर से बुझाया जा रहा है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ऋषिकांत पांडेय के नेतृत्व में राज्यसभा सांसद मिथलेश कुमार से मिलकर उन्हें ज्ञापन दिया। सांसद ने आश्वासन दिया कि कम बच्चों वाले विद्यालयों के मर्ज होने से गांव के गरीब बच्चे बुनियादी शिक्षा से वंचित हो जाएंगे, जबकि आरटीई एक्ट के हर गांव और मजरे में विद्यालय खोले गए थे। सांसद ने आश्वासन दिया कि वह मुख्यमंत्री से वार्ता करेंगे। ज्ञापन देने वालों में रत्नाकर दीक्षित, सुनील मौर्या, सचिन मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन (यूटा) के जिलाध्यक्ष विनीत कुमार गंगवार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन ददरौल विधायक अरविंद सिंह को सौंपा गया। इसमें बताया कि कम छात्र संख्या के आधार पर परिषदीय विद्यालयों को मर्ज किए जाने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए। उनके साथ रामकुमार सिंह, हरिशंकर, पृथ्वीराज, अवनीश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।

नगर में शिक्षकों ने बैठक में किया विरोध
कम छात्र संख्या वाले विद्यालयाें के पेयरिंग किए जाने के आदेश के बाद नगर शिक्षा अधिकारी नगेंद्र कुमार ने रोटी गोदाम में बैठक में शिक्षकों को शासनादेश का हवाला दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि विद्यालय प्रबंध समिति से पेयरिंग किए जाने का प्रस्ताव बनाकर लाया जाए। शिक्षक संघ के अध्यक्ष इमरान सईद ने बिना प्रबंध समिति एवं अभिभावकों की सहमति के किसी भी विद्यालय को नजदीकी विद्यालय में पेयरिंग करने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि नगर में विद्यालय के लिए भवन की कमी पूर्व से ही है। ऐसे में निजी भवन को छोड़ किसी दूसरे विद्यालय में बच्चों को पेयरिंग करना उचित नहीं है। बैठक में डा.आदित्य गुप्ता, अजीत कुमार आदि मौजूद रहे।

बच्चों की सुविधा सर्वाेपरि है। प्रबंध समितियों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। कहीं असुरक्षा का भाव होगा तो स्कूल का विलय नहीं किया जाएगा। - दिव्या गुप्ता, बीएसए

सिंधौली में स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते बच्चे। स्रोत: वीडियो ग्रेब

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