शाहजहांपुर। जीएसटी परिषद की बैठक में नियमों में किए गए बदलाव से जिले के व्यापारियों को कारोबार करने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। परिषद की ओर से नियमों में कई स्तर पर बदलाव किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे कारोबारियों के लिए जीएसटी से जुड़ी प्रक्रियाएं आसान होंगी और अनुपालन का बोझ कम हो सकता है। साथ ही नियमों में बदलाव से एफडीआई के माध्यम से विदेशी निवेश बढ़ने की संभावना भी जताई जा रही है।
जनपद में करीब 20 हजार व्यापारी जीएसटी विभाग में पंजीकृत हैं। इनके माध्यम से सरकार को हर वित्तीय वर्ष में करीब 4.50 करोड़ रुपये राज्य अंश और लगभग इतनी ही राशि केंद्रीय अंश के रूप में कर प्राप्त होता है। इसके अलावा जीएसटी प्रवर्तन दल की ओर से मालवाहक वाहनों की जांच की जाती है। जांच के दौरान सामने आने वाली अनियमितताओं पर कार्रवाई करते हुए करीब डेढ़ करोड़ रुपये की वसूली की जाती है।
जीएसटी कार्यालय में व्यापारियों के अभिलेखों की भी जांच की जाती है। जांच के दौरान कमियां मिलने पर कर और अन्य देयताओं के रूप में प्रत्येक वर्ष करीब 7.5 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति होती है। जिले में जीएसटी चोरी के मामलों में कार्रवाई भी की जाती रही है।
रोजा क्षेत्र के एक व्यापारी के खिलाफ जीएसटी चोरी के मामले में रिपोर्ट दर्ज कर स्थानीय पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। अन्य मामलों में भी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाती है।
उपायुक्त राज्यकर प्रवेश तोमर ने बताया कि जीएसटी परिषद की ओर से नियमों में काफी बदलाव किए गए हैं। इससे व्यापारियों के लिए कारोबार करना सुगम होगा। नियमों में सरलता आने से एफडीआई के माध्यम से विदेशी निवेश बढ़ने की संभावना भी है।