शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद की ओर से विकसित नवीन अगेती गन्ना किस्म को.शा. 23232 के प्रति किसानों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। शुक्रवार सुबह 10 बजे शुरू हुई ऑनलाइन बुकिंग में वितरण के लिए निर्धारित दो लाख सिंगल बड की बुकिंग महज पांच मिनट में पूरी हो गई।
को.शा. 23232 को बीज गन्ना एवं गन्ना किस्म स्वीकृति उपसमिति ने करीब एक सप्ताह पहले प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए अवमुक्त किया था। परिषद के निदेशक अभिषेक आनंद ने बताया कि पहली बार परिषद की ओर से विकसित किसी नवीन गन्ना किस्म के अवमुक्त होने के एक माह के भीतर ही उसका बीज किसानों को उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है।
सिंगल बड और टिशू कल्चर तकनीक से बीज का तेजी से संवर्धन किया जा रहा है, ताकि आगामी बुआई सत्र में अधिक से अधिक किसानों को को.शा. 23232 का बीज उपलब्ध कराया जा सके।
किस्म के जनक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक/ब्रीडर डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि को.शा. 23232 तीव्र बढ़वार वाली अगेती गन्ना किस्म है। इसमें बेहतर जमाव, अधिक कल्ले, मिल योग्य गन्नों की संख्या, उपज क्षमता और शर्करा प्रतिशत इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह किस्म प्रदेश के किसानों के लिए को.0238 का बेहतर विकल्प साबित होगी।