शाहजहांपुर। हजरत ऐमल शाह उर्फ बड़े बाबा साहब रहमतुल्लाह अलैह उर्स में दुआ करते अकीदतमंद । संवाद
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शाहजहांपुर। सूफी बुजुर्ग हजरत ऐमल शाह उर्फ बड़े बाबा साहब रहमतुल्लाह अलैह का दो दिवसीय सालाना उर्स मोहल्ला रंगीन चौपाल स्थित मजार पर अकीदत व मुहब्बत के साथ मनाया गया। शुक्रवार को कुल शरीफ में हिंदुस्तान की खुशहाली व सलामती की दुआ की गई।
उर्स का आगाज कुरआन ख्वानी से हुआ। कुल की महफिल में हाजरीन को खिताब करते हुए मस्जिद के इमाम मो. अफजाल खां ने कहा कि मुसलमानों को कुरआन व हदीस के मुताबिक अपनी जिंदगी को गुजारना चाहिए। हाफिज मो. आलम आदि ने नात व मनकबत पेश की। मो. अफजाल ने कौम की खुशहाली और यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों की सलामती और सकुशल वतन वापसी की दुआ की। अकीदतमंदों ने मजार पर गुलपोशी और चादरपोशी कर मन्नतें मांगी। कव्वाल जीशान अहमद ने हमनवाओं के साथ कव्वाली सुनाई।
शायर अख्तर शाहजहांपुरी, कैसर अली खां, नासिर अली, एहतिशाम खां, कासिम खां, तारिक खां, साजिद मियां, मुजीब, मो. अबसार, अब्दुल हसीब खां, नूर अहमद, सईद, तौहीद, सोहराब, हनीफ, रशीद, जीशान, अब्दुल अफ्फान, दानिश, मो. यासीन आदि तमाम जायरीन मौजूद रहे। बृहस्पतिवार की रात हुई महफिले मीलाद में मुफ्ती राहिल रजा अजहरी ने लोगों से सुन्नते रसूल पर चलने की ताकीद की। मीलाद ख्वां फिदा हुसैन ने जिक्रे रसूल करते हुए इश्के नबी को दिलों में बसाने पर जोर दिया। जायरीन में लंगर बांटा गया।