शाहजहांपुर। रोडवेज बस अड्डे पर चार हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़े गए परिवहन निगम के वरिष्ठ लिपिक और टाइमकीपर नृपेश सिंह के मामले में सीसी कैमरों की फुटेज गायब मिली है। एआरएम की पड़ताल में सामने आया कि घटनाक्रम के दौरान बस अड्डे के कैमरे बंद थे। अब कैमरों के बंद होने और फुटेज न मिलने की जांच कराई जाएगी।
बृहस्पतिवार को बरेली से आई एंटी करप्शन टीम ने टाइमकीपर नृपेश सिंह को रोडवेज बस अड्डे से चार हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। आरोप है कि चालक सरोज मिश्रा की उपस्थिति दर्ज करने के एवज में रुपये लिए गए थे। मामले में सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। गिरफ्तारी के बाद क्षेत्रीय प्रबंधक गौरव वर्मा ने नृपेश सिंह को निलंबित कर दिया था।
प्रकरण की पड़ताल के दौरान स्थानीय अधिकारियों ने घटनास्थल की सीसी कैमरे की फुटेज देखने का प्रयास किया, लेकिन रिकॉर्डिंग नहीं मिली। जांच में बुधवार शाम चार बजे से बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे तक की फुटेज उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। ऐसे में कैमरों के बंद होने और रिकॉर्डिंग गायब होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
एआरएम अरुण कुमार ने बताया कि कैमरे बंद किए गए थे या उनके साथ कोई छेड़छाड़ हुई है, इसकी जांच कराई जाएगी। आईटी विशेषज्ञ की मदद से हार्ड डिस्क भी चेक कराई जाएगी।
दो लोगों के पास रहती है कक्ष की चाबी
एआरएम के कक्ष में सीसी कैमरों का कंट्रोल रूम बना है। ड्यूटी के दौरान एआरएम खुद निगरानी करते रहते हैं। इसकी चाबी भी एआरएम और एक अन्य व्यक्ति के पास रहती है। एआरएम के अनुसार, उन्हें कैमरों का संचालन करना नहीं आता है। दूसरे व्यक्ति से भी जानकारी ली है।