शाहजहांपुर। राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस सात नवंबर को है। कैंसर का नाम सुनकर लोग डर जाते हैं। यह जानलेवा बीमारी जरूर है, मगर असाध्य नहीं है। संयमित जीवन, सही उपचार और मजबूत इच्छाशक्ति के जरिये बीमारी को मात देना संभव है। शहर में कई ऐसे लोग हैं, जिन्होंने कैंसर को भी हरा दिया और दूसरों के लिए प्रेरणास्रोत बने।
गंभीर मानी जाने वाली बीमारी के उपचार का पूर्व में यहां इंतजाम नहीं था। इस वर्ष राजकीय मेडिकल कॉलेज में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ.रशिका सचान ने तैनाती पाई है। मेडिकल कॉलेज में वह रोजाना ही ओपीडी में बैठकर मरीजों का परीक्षण करती हैं। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि कैंसर के बारे में प्रारंभिक जानकारी आने पर उपचार संभव है।
देरी से पता लगने पर कैंसर फैलने पर मरीज की जान जा सकती है। उन्होंने बताया कि स्तन और गर्भाशय कैंसर के केस ज्यादा आते हैं। ऐसे में महिलाओं को जरा-सा भी संदेह होने पर तुरंत ही डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
शहर के अशोक विहार कॉलोनी निवासी टेलर राजेश राठौर की पत्नी मधु राठौर को वर्ष 2017 में स्तन कैंसर की जानकारी मिली। उनका उपचार केजीएमसी, लखनऊ से हुआ। डॉक्टर ने दो वर्ष की जिंदगी बताई। इसके बाद धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) में आयुर्वेदिक उपचार कराया। उपचार के बाद वह पूरी तरह से ठीक हो गईं। वह बेटी अंशिका राठौर के साथ सामान्य जिंदगी जी रहीं हैं।
मोहल्ला चमकनी करबला निवासी रंगकर्मी अरविंद चोला के वर्ष 2016 में मुंह में घाव हो गया। उन्होंने जांच कराई तो कैंसर की जानकारी हुई। गुरुग्राम से उपचार के बाद स्वस्थ हो गए। वर्ष 2021 में दोबारा तबीयत बिगड़ी तो फिर ऑपरेशन कराया। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं। अरविंद ने बताया कि समय रहते अगर उपचार कराया जाए तो रोग लगभग सही हो जाता है।
अरविंद चोला। स्रोत: स्वयं