शाहजहांपुर। पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा की पुत्रवधू के भवन पर बुलडोजर चलाए जाने की रिपोर्ट सपा हाईकमान को भेज दी है। बताते हैं कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से सीधे संपर्क कर पूरे मामले के बारे में बताया गया। हालांकि, शुक्रवार को जेसीबी शांत रही है। माना जा रहा है कि सपा इस मुद्दे को विधानसभा में उठा सकती है।
भाजपा से सपा में गए पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा के विधानसभा चुनाव में हार के बाद ग्रामीणों ने उन पर अवैध रूप से जमीन पर कब्जा कर भवन निर्माण कराने की शिकायत की थी। थाने के सामने राजस्व विभाग की टीम के जांच करने पर 25 वर्ग मीटर जमीन पर अवैध कब्जा पाया गया। प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए बृहस्पतिवार को जमीन पर बुलडोजर चलवा दिया। अवैध निर्माण गिराए जाने के कुछ घंटे के बाद ही एसडीएम और तहसीलदार का तबादला होना भी चर्चा का विषय बना रहा।
सपा नेता और पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा की पुत्रवधु रुचि वर्मा के नाम की संपत्ति गिराए जाने के मामले को सपा ने गंभीरता से लेते हुए सीधे हाईकमान को पूरी जानकारी दी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को बताया गया कि जिस गाटा संख्या पर रोशनलाल वर्मा की बहू का भवन था। उसी पर अन्य भवन भी बने हैं, उन्हें हाथ नहीं लगाया गया। सत्ता पक्ष के इशारे पर मनोबल गिराने के लिए तोड़फोड़ की गई। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह मामला विधानसभा में उठाया जा सकता है।
एसडीएम राशि कृष्णा ने संभाला कार्य, तोडफ़ोड़ पर नहीं दिया जवाब
अवैध निर्माण को गिराए जाने के कुछ घंटे बाद तिलहर एसडीएम का तबादला कर दिया था। उनकी जगह पर अतिरिक्त मजिस्ट्रेट राशि कृष्णा को भेजा गया। उन्होंने शुक्रवार को कार्यभार संभाल लिया। हालांकि, पूर्व विधायक की अन्य संपत्तियों पर अवैध कब्जे और बुलडोजर चलाए जाने के सवाल पर वह बचती रहीं। उन्होंने पूर्व एसडीएम के पाले में गेंद डाल दी।
प्रशासन ने बदले की भावना से पूर्व विधायक रोशनलाल वर्मा पर कार्रवाई की है। बिना किसी नोटिस और सूचना के रोशन लाल की पुत्रवधू के भवन को तोड़ा गया। इस मामले को हाईकमान को बता दिया गया। -तनवीर खां, जिलाध्यक्ष सपा
प्रशासन के पास रोशनलाल वर्मा द्वारा अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत काफी ज्यादा हैं। अधिकारियों ने जांच की तो अवैध कब्जा मिला है। जिस पर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है। - अरुण गुप्ता महानगर अध्यक्ष भाजपा
प्रशासन के आगे हम क्या कर सकते हैं। किससे अपनी शिकायत कहें। हम एक प्रतिशत भी गलत नहीं हैं। दस मकान एक लाइन में उसी गाटा संख्या पर बने हैं। हमारी पुत्रवधु की जमीन की नाप कराई गई। जब नाप कराई गई तो हमारे परिवार के किसी सदस्य को जाने नहीं दिया। यदि अवैध कब्जा था तो स्वयं हटाने के लिए नोटिस देते। बिना नोटिस के कार्रवाई कर दी गई। -रोशन लाल वर्मा, पूर्व विधायक