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टूटे पटलों पर नहीं दिया ध्यान... लोहे की चादर जोड़कर निपटाया काम

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भैंसी नदी के टूटे लकड़ी के पटले - फोटो : POWAYAN
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पुवायां। शाहजहांपुर-पलिया हाईवे पर भैंसी नदी के पुल की मरम्मत के नाम पर पुल के लकड़ी के पटलों पर पड़ी लोहे की चादर की वेल्डिंग कर दी गई है। टूटे लकड़ी के पटलों पर यान नहीं दिया है, इससे कभी भी हादसा हो सकता है।
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अंग्रेजों के जमाने का भैंसी नदी का पुल बेहद जर्जर है। दीवारों पर लोहे के गार्डर पर लकड़ी के पटले रखे हैं। इनके ऊपर लोहे की चादर है। पहले यह रोड पीडब्लूडी के पास थी, तो विभाग ने पुल के दोनों ओर चेतावनी बोर्ड लगाए थे, लेकिन कई वर्ष बाद भी पुल से भारी यातायात चल रहा है। इस मार्ग को नेशनल हाईवे घोषित कर दिया और अब रखरखाव का जिम्मा एनएचएआई का है।
पुल के लकड़ी के कई पटले टूट चुके हैं। रविवार को पुल के ऊपर पड़ी लोहे की चादर को वेल्डिंग कर सही करा दिया, लेकिन टूटों पटलों पर ध्यान नहीं दिया है। अगर ये पटले बिल्कुल टूट गए तो लोहे का चादर वाहनों का भार नहीं सह पाएगी और हादसा होने की आशंका बनी रहेगी।
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नेपाल तक जाने का है सीधा रास्ता
शाहजहांपुर-पलिया हाईवे नेपाल तक जाने का सीधा रास्ता है। शाहजहांपुर से 135 किमी और पलिया से 35 किमी दूर गौरीफंटा भारत-नेपाल बार्डर का कस्बा है। शाहजहांपुर के बंथरा से रोजाना दर्जनों टैंकर पेट्रोल और डीजल लेकर नेपाल इसी रास्ते से जाते हैं। प्रसिद्ध दुधवा नेशनल पार्क भी इसी मार्ग पर पलिया से दस किमी दूर है। ऐसे में भैंसी नदी के जर्जर पुल पर ध्यान दिया जाना जरूरी है।
भैंसी पुल की मरम्मत के संबंध में एनएचएआई के अधिकारियों से कहा था। उन्होंने मरम्मत का आश्वासन दिया था। केवल लोहे की चादर ही वेल्ड कराई गई है और पटले नहीं बदले गए हैं तो मामले को दिखवाया जाएगा।
चेतराम, विधायक पुवायां
भैंसी नदी पुल के मामले में जानकारी कराई जाएगी और संबंधित विभाग के अधिकारियों को लिखा जाएगा। टूटे लकड़ी के पटलों को भी दिखवाया जाएगा।
सुशांत श्रीवास्तव, एसडीएम पुवायां

भैंसी पुल पर लोहे की चादर की बैल्डिंग करता कारीगर- फोटो : POWAYAN

 

भैंसी नदी के टूटे लकड़ी के पटले- फोटो : POWAYAN

 

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