किसी तरह ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से दूल्हा समेत अन्य बराती शाम को जलालाबाद तक पहुंचे। यहां आने पर पता लगा कि बाढ़ के कारण लखनऊ-दिल्ली राजमार्ग पर ट्रैफिक रोक दिया गया है। इसके बाद बराती हुल्लापुर, शाहाबाद, पिहानी और महोली होकर देर रात किसी तरह गंतव्य तक पहुंचे।
आनन-फानन में शादी की रस्में निभाई गईं। सुबह तक सभी रस्मों को निपटाया गया। बहू की विदा कराकर देर शाम बराती जब तक यहां पहुंचे तो पानी और बढ़ जाने से बहगुल पुल के एप्रोच रोड पर बनी पुलिया पानी में डूबने के साथ मार्ग का भी काफी हिस्सा कट चुका था। वर-वधू को गांव तक पहुंचाने के लिए केवल नाव का ही सहारा था।