अरबों का सालाना कारोबार करने वाली देश की नामचीन ब्रांडेड कंपनियां भी मुनाफा कमाने के लिए अपने उत्पादों की माप और वजन में गड़बड़ी करके उपभोक्ताओं के साथ ठगी में लिप्त हैं। विधिक माप विज्ञान विभाग ने ऐसी कंपनियों के उत्पादों की कमियों को आधार बनाते हुए उन पर लाखों का जुर्माना किया है। विभागीय नियंत्रक द्वारा कंपनी के निदेशकों को इस आशय के नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
अर्थदंड कार्रवाई की परिधि में टीवीएस मोटर्स, माइक्रोमैक्स मोबाइल, गोफिक बायोटेक जैसी कंपनियां शामिल हैं। बाजार में इन कंपनियों के उत्पादों की आकस्मिक जांच में कई तरह की खामियां पाई गईं। मसाज का तेल बनाने वाली अहमदाबाद, गुजरात की गोफिक बायोटेक द्वारा मार्केट में उपलब्ध कराई गई 200 मिलीलीटर की शीशी में दस मिलीलीटर तेल की मात्रा कम पाई गई।
माइक्रोमैक्स के गुड़गांव स्थित प्लांट में तैयार हो रहे मोबाइल फोन स्क्रीन का साइज कंपनी द्वारा छह माह पूर्व जारी किए विज्ञापन में सेंटीमीटर के बजाय इंच में दर्शाए जाने को माप विज्ञान विभाग ने कार्रवाई का आधार बनाया। इसी तरह टीवीएस मोटर्स के आउटलेेट्स पर रखे टायरों की जांच करने पर पाया गया कि उनके साइज की केवल नंबरिंग की गई है, परिधि और व्यास नहीं दर्शाया जा रहा है। विधिक माप विज्ञान अधिकारी विजय मिश्र के अनुसार मोबाइल कंपनियाें के विज्ञापन में इंच में दी गई स्क्रीन की नाप का कोर्ट में सत्यापन करना संभव नहीं हो पाता। जिस तरह 33 इंच और 36 इंच के दोहरे गज प्रचलित हैं, उसी तरह अमेरिकन और ब्रिटिश इंच की नाप में भी फर्क है। इसीलिए विश्व में मीट्रिक प्रणाली लागू की गई, लेकिन माइक्रोमैक्स इसका उल्लंघन करती पाई गई।
उन्होंने बताया कि गोफिक बायोटेक के मसाज ऑयल की तीन स्थानों से टेस्ट परचेज करने पर सभी नमूनों के वजन में कमी पाई गई। तीनों मामलों में रिपोर्ट उच्चाधिकारियोें को भेजने के बाद कंपनी निदेशकों से अर्थ दंड वसूलने का निर्णय किया गया है। विभागीय नियंत्रक ने गोफिक बायोटेक के दो निदेशकों पर 1.5 लाख रुपये, माइक्रोमैक्स कंपनी और उसके नौ निदेशकों पर एक लाख रुपये और टीवीएस मोटर्स के स्वामी समेत सात निदेशकों पर 80 हजार रुपये जुर्माना किया है। नियत समय सीमा में जुर्माना की धनराशि अदा नहीं करने पर कोर्ट में मुकदमे कराए जाएंगे।
शासन ने खारिज की टीवीएस मोटर्स की अपील
दुपहिया वाहनों के टायरों की दर्शाई गई माप में गड़बड़ी के विरुद्ध जुर्माने का नोटिस जारी करने पर टीवीएस मोेटर्स ने इसके विरुद्ध शासन में अपील की, लेकिन केस स्टडी करने के बाद माप विज्ञान नियंत्रक ने न सिर्फ अपील खारिज कर दी, बल्कि कंपनी पर 80 हजार रुपये का जुर्माना कर दिया।
सुधीर एग्रो पर लटकी कार्रवाई की तलवार
पुवायां में चावल की पैकिंग करने वाली फैक्ट्री में 50 किलो वजन के बोरों की तौल करने वाली हॉकर स्केल मशीनों का लंबे समय से सत्यापन नहीं कराने के कारण इस फैक्ट्री के संचालकों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। विधिक माप विज्ञान अधिकारी के अनुसार हॉकर स्केल चेक करने पर फैक्ट्री के संचालकों ने अपनी गलती मान ली है। अब फैक्ट्री के निदेशकों को नोटिस जारी करने के लिए उनके नाम मांगे हैं।