मीरानपुर कटरा। दस दिन से लापता मोहल्ला आतिशबाजान निवासी पशु चिकित्सालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हसमत अली उर्फ मुन्ना (50) का शव बृहस्पतिवार सुबह हाईवे किनारे पड़े कचरे के ढेर में मिला। परिजनों का आरोप है कि हसमत अली की हत्या कर उनके शव को यहां फेंका गया है।
16 फरवरी को हसमत अली सुबह दस बजे ड्यूटी पर गए थे। पशु चिकित्सालय बंद होने के बाद भी जब देर शाम तक वह वापस घर नहीं गए तो उनकी पत्नी नाजिश ने तलाश शुरू की। दूसरे दिन थाने पहुंचकर उन्होंने पुलिस को पूरी बात बताई। 19 फरवरी को नाजिश की ओर से गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे लखनऊ-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे ग्राम सिउरा मोड़ के सामने लगे कचरे के ढेर पर हसमत अली का शव देख लोगों की भीड़ लग गई। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम बुलाई। मौके पर पहुंची पत्नी नाजिश व उनके बड़े भाई अजमत अली उर्फ भोला शव की पहचान करते हुए बिलख पड़े।
पत्नी ने आरोप लगाया कि उनके पति हसमत की हत्या की गई है। भाई अजमत अली ने बताया है कि हसमत की किसी से कोई रंजिश नही थी। थाना प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।