शाहजहांपुर। रहमतों और बरकतों वाला महीना चांद के दीदार के साथ ही शुरू हो गया। विशेष नमाज तराबीह भी शुरू हो गई। बाजारों में सहरी और इफ्तार के लिए खरीदारी करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी पड़ी। शहर पेश इमाम मौलाना हुजूर अहमद मंजरी ने बताया कि बरकत, रहमत और एक नेकी के बदले 70 गुना सवाब मिलने वाले रमजान में खूब इबादत करें।
सोमवार की शाम को रमजान के चांद का दीदार करने के लिए मुस्लिम समाज के लोग मगरिब की नमाज के बाद छतों पर चढ़ गए। चांद नजर आते ही दुआ करते हुए रमजान की मुबारकबाद दी। इसी के साथ सहरी की तैयारियों को शुरू कर दिया गया। जिले भर की मस्जिदों में विशेष नमाज तराबीह की तैयारी की गई। मुस्लिम बहुल इलाकों में बाजारों में भीड़ उमड़ पड़ी। सहरी व इफ्तार के लिए लोगों ने खरीदारी की। दिन में भी सिंवई, फल और खजूर आदि की खरीदारी हुई।
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रमजान में होते तीन अशरे
-रमजान की एक से दस तारीख तक का वक्त पहला अशरा होता है। यह रहमत है।
-दूसरा अशरा 11 रमजान से 10 रमजान तक चलता है। यह मगफिरत है।
-21 से आखिरी रमजान तक तीसरा अशरा दोजख की आग से आजादी दिलाता है।
-चांद नजर आने के साथ ही रमजान मुबारक का महीना शुरू हो गया। मुस्लिमों से अपील है कि वह एक माह को प्रेम व हमदर्दी के साथ गुजारकर अल्लाह की इबादत करें।
-मौलाना हुजूर अहमद मंजरी-शहर पेश इमाम