शाहजहांपुर। लोकसभा की सीट सपा के खाते में जाने के बाद कांग्रेस ने विधायक मानवेंद्र सिंह के निधन के बाद रिक्त हुई ददरौल विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए दावेदारी ठोक दी है। सपा से गठबंधन के बीच जिला नेतृत्व ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से मुलाकात कर कांग्रेस के प्रत्याशी को उतारने की मांग की। दावा है कि गठबंधन के तहत कांग्रेस को मौका मिल सकता है।
लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की तैयारियों के बीच गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में सपा से राजेश कश्यप के नाम का एलान किया गया था, तब कांग्रेस के जिला नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से विरोध दर्ज कराया था। निर्णय लखनऊ के बजाय दिल्ली से होने के चलते कांग्रेस पदाधिकारियों को मायूसी हाथ लगी। हाईकमान के निर्देश पर स्थानीय नेताओं ने समन्वय स्थापित कर टाउन हाल स्थित कार्यालय पर सपा पदाधिकारियों के साथ बैठक कर एकजुटता का संदेश दिया था।
लोकसभा चुनाव में झटका खाने के बाद ददरौल उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने कवायद शुरू कर दी। सोमवार को कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने जिले के तमाम पदाधिकारियों के साथ प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से मुलाकात की। उपचुनाव के लिए कांग्रेस के प्रत्याशी को चुनाव लड़ाने की मांग की। बताया जाता है कि हाईकमान से उन्हें सकारात्मक संकेत मिले हैं। जिलाध्यक्ष ने बताया कि उन्हें 70 प्रतिशत तक उम्मीद है कि कांग्रेस प्रत्याशी को ददरौल विधानसभा सीट के उपचुनाव में उतरने का मौका मिलेगा।
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कांग्रेस का गढ़ रही ददरौल
-भले ही कांग्रेस का वर्तमान में विधानसभा सीट में कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं है, लेकिन ददरौल विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ रहा है। वर्ष 2002 तक कांग्रेस से रामऔतार मिश्रा विधायक रहे। वह लगातार चार बार जीते थे।
-प्रदेश अध्यक्ष अजय राय से मुलाकात हो गई है। उनसे उपचुनाव में कांग्रेस के प्रत्याशी को चुनाव लड़ाने की मांग की गई। चर्चा के बाद आश्वासन मिला है।
रजनीश गुप्ता, जिलाध्यक्ष-कांग्रेस