शाहजहांपुर में रविवार की सुबह चौक में श्रीराम-भरत मिलाप की लीला मंचन को देखते लोग । संवाद
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शाहजहांपुर। शाहजहांपुर के चौक क्षेत्र में रविवार सुबह वनवास से लौटे भगवान श्रीराम और भरत मिलाप का भावपूर्ण मंचन किया गया। भरत, शत्रुघ्न और राम-लक्ष्मण के मिलाप को देखकर मौजूद दर्शक भाव विभोर हो गए। वित्त एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना समेत तमाम लोगों ने भगवान श्रीराम और माता सीता की आरती उतारी। भरत मिलाप लीला के साथ रामलीला मंचन का समापन हो गया।
शनिवार रात कैबिनेट मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने रथ खींचकर राजगद्दी शोभायात्रा का शुभारंभ किया। शोभायात्रा रातभर विभिन्न मार्गों से होकर रविवार सुबह पांच बजे चौक पहुंची, यहां हजारों लोगों की भीड़ के बीच में श्रीराम और भरत का मिलन हुआ। भरत दौड़ते हुए आए और भगवान श्रीराम के गले लग गए। यह दृश्य इतना भावपूर्ण था कि वहां मौजूद हजारों लोग भावुक हो गए। आयोजन समिति की ओर से जलपान से स्वागत किया। राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के चेयरमैन सुरेंद्र नाथ वाल्मीकि, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र पाल सिंह यादव, सचिव नरेंद्र गुरु, मेला प्रबंधक नीरज वाजपेयी, विनोद अग्रवाल, नवचेतना कला परिषद के मुख्य निर्देशक कृष्ण मोहन शर्मा का सहयोग रहा।
जलालाबाद में शनिवार देर रात राजगद्दी की शोभायात्रा निकालने के साथ 15 दिन से चल रहे रामलीला मंचन का समापन हो गया। शिव मंदिर संस्थान की ओर से भरत मिलाप लीला का मंचन कराया। शोभायात्रा का शुभारंभ परशुराम मंदिर से हुआ। रामलीला मैदान में महंत सत्यदेव पांडेय ने भगवान श्रीराम सहित सभी देवी-देवताओं के स्वरूपों की आरती उतारी। रात करीब दो बजे शोभायात्रा मोहल्ला ब्रह्मनान पहुंची। यहां शिव मंदिर संस्थान की ओर से श्रीराम का तिलक कर उन्हें अयोध्या की राजगद्दी सौंपी गई। पूर्व चेयरमैन संजय पाठक, मेला प्रबंधक कमल सक्सेना, गोपाल द्विवेदी, मनोज अग्निहोत्री, जितेंद्र मिश्रा, विजय पांडेय, गांधी मिश्रा, सुनील त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।