अल्लागंज क्षेत्र की रामगंगा नदी में डूबे फराद व अजान को नाव से ढूंढ़ते गोता खोर । संवाद
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अल्हागंज (शाहजहांपुर)। रामगंगा नदी में डूबकर जान गंवाने वाले अजान और फराद वहां नहाने नहीं गए थे। उन्होंने जब अदनान और अरबाज को डूबते देखा तो बगैर कुछ सोचे नदी में छलांग लगा दी। फराद और अजान थोड़ा-बहुत तैरना जानते थे, लेकिन गहराई में चले जाने के कारण डूब गए। ग्रामीणों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद दोनों के शवों को नदी से बाहर निकाला। बेटों का शव देखकर परिजन दहाड़ मारकर रो पड़े।
30 व 31 मई को होने वाले उर्स शरीफ में दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर मेला लगता है। मेले में कन्नौज के छिबरामऊ निवासी मोहम्मद अजान भी अपने फूफा नुसरत के घर आया था। नुसरत के बेटा फराद की अजान से काफी पक्की दोस्ती थी। उर्स में हरदोई के थाना शाहबाद के गांव गढ़ियारंगीन निवासी अदनान (19) पुत्र सलीम व अरबाज (17) पुत्र शमीम भी आए थे। वे भी नुसरत के रिश्तेदार हैं। अल्हागंज थाना प्रभारी प्रदीप सहरावत ने बताया कि अरबाज और अदनान नदी में नहा रहे थे। वे दोनों गहरे पानी में जाने के कारण डूबने लगे तो शोर मचाया।
दूर बैठे अजान और फराद दौड़ पड़े। उन्होंने नदी में छलांग लगा ली। दोनों को बचाते हुए अजान और फराद डूब गए, जबकि अरबाज और अदनान को अन्य लोगों ने बचा लिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। गांव के गोताखोर भी नदी में उतारे गए। शवों को तलाश करने के लिए नाव का सहारा लिया गया। बेटे का शव देखकर अजान की मां शमा बेगम बिलख पड़ी। उनके आंसू नहीं थम रहे थे। परिजन ने शाम को मगरिब की नमाज के बाद शवों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
दोनों साथ दी थी इंटरमीडिएट की परीक्षा
अजान और फराद ने इस साल इंटरमीडिएट की परीक्षा साथ-साथ दी थी। मऊ शाहजहांपुर के रहने वाले फराद ने हाईस्कूल के बाद इंटर छिबरामऊ निवासी अपने मामा के यहां रहकर ही किया था। साथ-साथ पढ़ाई करने वाले भाई आपस में गहरे दोस्त बन गए थे। परिजन के अनुसार, अजान को उर्स के बजाय अपने दोस्त से मिलने की इच्छा यहां तक खींच लाई।
अजान तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था, जबकि फराद दो भाइयों में बड़ा था। युवकों के साथ हुई अनहोनी से परिजन का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। उर्स के चलते नुसरत का घर मेहमानों से भरा हुआ था। पूरे गांव में मेले को लेकर काफी तैयारी की गई थी, लेकिन नदी में अजान और फराद के डूबने के कारण गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया।