मेवाराम का 16 हजार रुपयों भरा पर्स मंगलवार को उन्हें वापस मिल गया। मेवाराम ने पर्स वापस देने के लिए एचईओ अफरोज अहमद को साधुवाद दिया तो जानकारी देने के लिए अमर उजाला को भी थैंक्यू बोला। शाहजहांपुर के मोहल्ला दिलाजाक निवासी मेवाराम कचहरी में नोटरी अधिवक्ता रामकुमार के मुंशी हैं। तीन फरवरी को कचहरी में उनका पर्स गिर गया था। पर्स में 16952 रुपये और मेवाराम के पुत्र का क्रेडिट कार्ड रखा था। घर पहुंचने पर मेवाराम को पर्स गिर जाने की जानकारी हुई तो काफी तलाश के बाद भी पर्स वापस नहीं मिल सका। पुवायां के सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनात अफरोज अहमद को मेवाराम का पर्स पड़ा मिला, लेकिन पर्स में पहचान का कोई कागज नहीं मिल सका। अफरोज अहमद ने फेसबुक और व्हाटसएप पर पर्स मिलने का जिक्र किया, लेकिन किसी ने संपर्क नहीं किया। अमर उजाला ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर पढ़कर मेवाराम के एक परिचित ने उन्हें यह जानकारी दी। खबर देखकर मंगलवार को मेवाराम पुवायां अस्पताल पहुंचे और एचईओ से मिलकर पर्स में रखे रुपयों के बारे में बताने के साथ ही क्रेडिट कार्ड की पहचान से संबंधित दस्तावेज दिखाए। संतुष्ट होने पर अस्पताल के प्रभारी डॉ. रामकुमार वर्मा की मौजूदगी में पर्स मेवाराम को सौंप दिया गया।
वहीं, अमर उजाला में 16 हजार रुपयों से भरा पर्स मिलने और अफरोज अहमद के पर्स स्वामी को तलाश कर पर्स वापस करने की बात छपने के साथ ही कुछ ठग भी सक्रिय हो गए। कई लोगों ने अफरोज को फोन कर पर्स अपना बताया, लेकिन पर्स में रखे नोटों की डिटेल व अन्य जानकारी सही से नहीं दे सके। ऐसे लोगों को अफरोज अहमद ने फटकार भी लगाई।