शाहजहांपुर। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का जन्मदिन शुक्रवार को मनाया जाएगा। कुछ वर्षों तक गुमनामी में रहे हॉकी के खेल की स्थिति में अब सुधार आया है। डेढ़ साल में टाउन हॉल एस्ट्रो टर्फ मैदान बनकर पूर्ण होने के बाद हॉकी का खेल और बेहतर हो जाएगा। खिलाड़ी हथौड़ा स्टेडियम के साथ ही टाउन हॉल मैदान में तैयारी कर सकेंगे। यहां पर बेहतर खिलाड़ी तैयार हो सकेंगे, ऐसी उम्मीद जगी हैै।
कुछ साल पहले तक जनपद में हॉकी की स्थिति काफी बेहतर थी। टाउन हॉल हॉकी मैदान में प्रत्येक वर्ष होने वाली प्राइजमनी हॉकी प्रतियोगिता में कई प्रदेशाें की टीमें यहां आकर खेलती थीं। राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रहे एजाज हसन उर्फ अच्छू खां के इंतेकाल के बाद हॉकी की स्थिति बदहाल हो गई।
प्रशासन के कब्जे में जाने के बाद हॉकी के खेल में कमी आई। अब जिला खेल विभाग की ओर से खेलो इंडिया कार्यक्रम शुरू हुआ तो फिर से युवाओं में इसके प्रति रुचि बढ़ गई है। कार्यक्रम के तहत 30 खिलाड़ी तैयारी करते हैं। इसके अतिरिक्त भी 50 खिलाड़ियों को तैयार किया जा रहा है।
सुबह और शाम में खिलाड़ियों को हॉकी के गुर सिखाकर प्रतियोगिता के लायक बनाया जा रहा है। खिलाड़ियों के जिला स्तर से लेकर मंडल स्तर तक ट्रॉयल भी कराए गए हैं। जिला खेल अधिकारी एसपी बमनिया ने बताया कि खेलो इंडिया के तहत खिलाड़ियों को किट में हॉकी, बॉल, ट्रैक सूट, जूते, मोजे आदि दिए जाते हैं। इससे आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ी भी तैयारी कर रहे हैं।
राज्य स्तर के लिए दो खिलाड़ियों का हुआ चयन
स्टेडियम में तैयारी करने वाले रेहानुर्रहमान और शिवओम ने सीनियर वर्ग में राज्य स्तरीय पंडित दीन दयाल प्रतियोगिता तक के लिए सफर पूरा कर लिया है। जिला स्तर पर ट्रॉयल देने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने मंडल स्तर पर शानदार खेल का प्रदर्शन कर टीम में जगह बनाई है। 30 अगस्त से सात सितंबर तक होने वाले आयोजन में दोनों खिलाड़ी अपनी प्रतिभा दिखाएंगे। डीएम कंपाउंड निवासी शिवओम ने राष्ट्रीय युवा खेल फेडरेशन, ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिता 2022 व 2023, जूनियर इंटर डिस्ट्रिक स्टेट चैंपियनशिप में हॉकी का जलवा दिखाया। इसी तरह मामूड़ी मोहल्ले के रेहानुर्रहमान ने जीएफ कॉलेज की तरफ से यूनिवर्सिटी की टीम में जगह बनाई। इंटर लेबल स्कूल, स्टेट लेबल पर प्रतिभाग किया।
प्रोत्साहन समिति ने उपलब्ध कराए संसाधन
जनपदीय प्रोत्साहन समिति ने खिलाड़ियों को खेल सामग्री के साथ ही संसाधन भी उपलब्ध कराए हैं। कोच का इंतजाम कराने के साथ ही डाइट के रूप में चना, मूंगफली, किशमिश, सोयाबीन आदि खिलाड़ियों को दिया जाता है।
हॉकी मिली तो शुरू हो सका खेल
पिता ठेले और फेरी लगाते हैं। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के चलते हॉकी स्टिक खरीदना संभव नहीं हो पा रहा था। इससे हॉकी खेलने का सपना अधूरा रह जा रहा था। प्रोत्साहन समिति के जरिये स्टिक समेत किट का सामान मिला तो प्रैक्टिस शुरू की। प्रयास रहेगा कि इसी में अपना कॅरियर बनाऊं। - प्रदीप, हथौड़ा गांव
खेलों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। 50 स्कूलों में मेजर ध्यान चंद्र की प्रतिमा भेंट की गई है। सभी जगह शुक्रवार को उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण करने का अनुरोध किया गया है। इसी तरह पूर्व माध्यमिक विद्यालय ककराला में 12 हॉ़की स्टिक देकर ग्रामीण स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने की कोशिश करेंगे। - एसपी बमनिया, जिला खेल अधिकारी
प्रदीप। स्रोत: स्वयं
प्रदीप। स्रोत: स्वयं
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