शाहजहांपुर। सेना में अल्पकालिक नौकरी की अग्निपथ योजना के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) ने शुक्रवार को आक्रामक तेवर दिखाए। यूनियन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस परिसर में कार्यकर्ताओं के साथ धरना दिया। ज्ञापन देने के लिए कलक्ट्रेट जाने से रोकने पर कार्यकर्ताओं का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने पुलिस की घेराबंदी तोड़कर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया और वहीं एसडीएम सदर सुप्रिया गुप्ता को राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन देकर अग्निपथ योजना वापस लेने की मांग की।
भाकियू के मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह और जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह धालीवाल ने अग्निपथ योजना के विरोध में कार्यकर्ताओं के पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस परिसर में धरना देकर वहीं पर पंचायत शुरू कर दी। प्रशासन ने उन्हें कलक्ट्रेट तक पहुंचने से रोकने को भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया। पंचायत में मंडल अध्यक्ष अजीत सिंह ने कहा कि यह हैरानी की बात है कि सरकार ने सेना में इतने बड़े बदलाव की घोषणा करने से पहले किसी भी न्यूनतम प्रक्रिया का पालन नहीं किया। पंचायत की अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह धालीवाल ने कहा कि संसद के दोनों सदनों और संसद की रक्षा मामलों की स्थायी समिति के समक्ष इस योजना पर कोई चर्चा नहीं होना सरकार की नीयत को संदिग्ध बनाता है। जिला प्रवक्ता आदित्य प्रताप सिंह ने कहा कि अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं को बरगलाने का प्रयास हो रहा है।
पंचायत के बाद जैसे ही कार्यकर्ता कलक्ट्रेट की ओर बढ़े, गेस्ट हाउस के गेट पर पहले से मौजूद पुलिस अधिकारियों और सिपाहियों ने उन्हं रोका, लेकिन पदाधिकारी नारेबाजी करते हुए उन्हें धकेलकर आगे बढ़ गए। कलक्ट्रेट गेट पर पुलिस की घेराबंदी तोड़कर कार्यकर्ता परिसर के अंदर दाखिल हो गए। इस बीच एसडीएम सदर भी अपने चैंबर से बाहर निकल आईं। ज्ञापन में अग्निपथ योजना वापस लेकर सेना में पहले से रिक्त पदों पर स्थायी भर्ती जल्द शुरू करने की मांग की गई। प्रदर्शन में भाकियू के जिला उपाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह चौहान, संदीप सिंह व सुरजीत सिंह, महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष दलजीत कौर, सुखचैन सिंह, रामप्रसाद वर्मा, कुंती देवी, मीना देवी, अनिल सिंह आदि शामिल रहे।