शाहजहांपुर में एसएस कॉलेज में आयोजित गोष्ठी में बोलते डॉ.सुरेश मिश्रा। स्रोत: कॉलेज
शाहजहांपुर। सेवानिवृत्त कृषि वैज्ञानिक व इतिहास के जानकार डॉ. सुरेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि स्वाधीनता संघर्ष में जिले का योगदान मापा नहीं जा सकता। काकोरी एक्शन के बाद जिले का नाम पूरे विश्व में छा गया था। इसी प्रकार सन 1857 में भी 18वीं नेटिव इंफ्रेंट्री की पहली बटालियन ने जवाहर राय के नेतृत्व में क्रांति का बिगुल फूंका था।
डॉ. सुरेश मिश्रा एसएस काॅलेज में पं. दीनदयाल उपाध्याय के जन्मदिन से लेकर गांधी जयंती तक चलने वाली सात दिवसीय विचार शृंखला कार्यक्रम में बोल रहे थे। इतिहास विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्वाधीनता आंदोलन में जिले के योगदान पर आयोजित गोष्ठी में डॉ. मिश्रा ने कहा कि आजादी के मतवालों ने देश को आजाद कराने के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा दी। शहीद निजाम अली खां के प्रपौत्र कांग्रेस नेता तसनीम अली खां ने कहा कि जिले के चारों कोनों में अमर शहीदों की मजारें हैं। कवि इंदु अजनबी ने अपनी रचना शत-शत नमन काकोरी सुनाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए मुमुक्षु संकुल अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद सरस्वती ने बताया कि इतिहास विभाग के संयोजन में जिले के गौरवशाली इतिहास और इसके महान लोगों द्वारा स्वाधीनता संघर्ष में दिए योगदान को फिर से लिपिबद्ध करने का प्रयास किया जा रहा। काॅलेज सचिव डा. एके मिश्रा, इतिहास विभाग के अध्यक्ष डॉ. विकास खुराना, उप प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. अनुराग अग्रवाल, डॉ. आलोक मिश्रा, डॉ. आदित्य कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। आभार प्राचार्य डॉ. राकेश आजाद ने व्यक्त किया।
शाहजहांपुर में एसएस कॉलेज में आयोजित गोष्ठी में बोलते डॉ.सुरेश मिश्रा। स्रोत: कॉलेज