परशुरामपुरी स्थित मंदिर में भगवान परशुराम की मूर्ति। संवाद
जलालाबाद। भगवान परशुराम की जन्मस्थली का नाम अधिकृत तौर पर परशुरामपुरी घोषित होने के बाद अब केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद की पहल पर प्रदेश सरकार ने यहां भगवान परशुराम की भव्य मूर्ति लगाने की दिशा में तेजी से काम शुरू करा दिया है। पर्यटन मंत्री को इस बारे में केंद्रीय राज्यमंत्री की ओर से पत्र भेजे जाने के बाद संस्कृति निदेशालय सक्रिय हो गया है। निदेशालय ने एसपी को पत्र भेजकर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
इस संबंध में संस्कृति विभाग के निदेशक संजय कुमार सिंह की ओर से एसपी को भेजे गए पत्र में भगवान परशुराम की जन्मस्थली परशुरामपुरी में उनकी दिव्य और भव्य मृर्ति स्थापित करने के लिए 10 विभिन्न बिंदुओं पर पुलिस प्रशासन से स्पष्ट संस्तुति देने के लिए कहा गया है।
इन बिंदुओं में भगवान परशुराम की मूर्ति की ऊंचाई, मूर्ति बनाने में इस्तेमाल होने वाली धातु और मूर्ति स्थापना के लिए प्रस्तावित भूमि की मालिकाना स्थिति का ब्योरा भी मांगा गया है।
निदेशक ने पत्र में कहा है कि संस्तुति मे यह स्पष्ट होना चाहिए कि जहां मूर्ति लगाई जाएगी, वह जमीन सार्वजनिक है या किसी की निजी भूमि है। यदि सार्वजनिक भूमि है, तो वह किस विभाग की है। भूमि निजी होने पर संबंधित भूमि मालिक का लिखित सहमति पत्र देने तथा जमीन विवादित होने की दशा में उसकी विस्तृत आख्या देने के लिए कहा गया है।
निदेशक के अनुसार भगवान परशुराम की जन्मस्थली में उनकी मूर्ति लगाने के बारे में केंद्रीय राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने गत 22 जुलाई को प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को पत्र भेजा था। सीओ दीपक सिंह ने बताया कि इस संबंध में उनके पास निर्देश आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।