कांट। टांडा पर्वतपुर गांव के रामकिशन की पत्नी लक्ष्मी की प्रसव के दौरान हुई माैत के मामले में पुलिस ने यहां के फ्यूचर अस्पताल के डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अस्पताल को बंद कर डॉक्टर व स्टाफ भाग गया।
रामकिशन ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि 30 दिसंबर को पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर पीएचसी ले गए। वहां डॉक्टरों ने निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी। फ्यूचर अस्पताल ले जाने पर वहां के कर्मचारियों ने ऑपरेशन और इलाज के लिए 40 हजार रुपये जमा कराए और एक यूनिट खून के 8,500 रुपये लिए। ऑपरेशन के दौरान पत्नी की तबीयत खराब होने पर वहां के डॉक्टर ने राजकीय मेडिकल कालेज रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान शुक्रवार की सुबह पत्नी की मौत हो गई।
राम किशन का आरोप है कि निजी अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनकी पत्नी की जान गई। प्रभारी निरीक्षक राकेश मौर्य ने बताया कि तहरीर के आधार पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मामले की निष्पक्ष जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।