राजकीय मेडिकल कॉलेज में कांवड़िया की मौत पर परिजनों को दिलासा देते सीओ सिटी। संवाद
शाहजहांपुर। लखीमपुर खीरी जिले के पसगवां थाना क्षेत्र में गौहनिया गांव में सोमवार रात हुए हादसे में चौक कोतवाली क्षेत्र के नवादा इंदेपुर गांव निवासी कांवड़िये अमन सिंह की मौत हो गई लेकिन मां संजू को यकीन नहीं हुआ। वह बार-बार बेटे के सीने पर कान लगाकर दिल की धड़कन सुनने का प्रयास करती रही और बिलखकर डॉक्टर से उपचार करने के लिए कहती रही।
मूलरूप से तिलहर के बंथरा गांव निवासी सेवानिवृत्त सैनिक रिषीपाल सिंह के बेटे विवेक सिंह कई साल से नवादा इंदेपुर में रह रहे हैं। वह कांट रोड स्थित एक निजी कंपनी में कर्मचारी हैं। उनका बेटा अमन सिंह (18) कांवड़ लेकर गोला जा रहा था। सोमवार रात पसगवां क्षेत्र में ट्रैक्टर की टक्कर से घायल अमन को पहले भावलखेड़ा सीएचसी ले जाया गया, जहां से राजकीय मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मां संजू को बेटे की मौत पर यकीन नहीं हुआ। डॉक्टर ने मां के अनुरोध पर उसका तीन बार ईसीजी किया। सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी ने कांवड़िये के भाई वैभव को संभाला। अमन अपने साथी आनंद, वैभव और सुबोध के साथ रविवार को निकले थे। मंगलवार को गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। पिता विवेक सिंह व मां संजू का रो-रोकर हाल बेहाल हो गया है। सीओ सिटी ने बताया कि हादसा लखीमपुर खीरी क्षेत्र में हुआ है, वहीं की पुलिस कार्रवाई करेगी।