शाहजहांपुर। पुलिस ने कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष सईद अंसारी को थाने बुलाकर छह घंटे तक बैठाए रखा। इस दौरान इंस्पेक्टर पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाते हुए भड़के कांग्रेसियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। घटना के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए। सीओ सिटी के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और सईद अंसारी को जाने दिया गया।
कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत मंगलवार को मोहल्ला अंटा से घंटाघर स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर की प्रतिमा तक मशाल जुलूस निकालने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। इस जुलूस का संयोजक सईद अंसारी को बनाया गया था। स्थानीय खुफिया इकाई को इस कार्यक्रम की सूचना दी गई थी।
उपाध्यक्ष फुरकान अहमद कुरैशी के अनुसार, अंजान चौकी प्रभारी ललित शर्मा ने सोमवार रात सईद अंसारी को कई बार फोन कर चौकी आने का दबाव बनाया। हालांकि, जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने रात में वार्ता करके सुबह आने की बात कही। मंगलवार सुबह मशाल जुलूस में लोगों की संख्या की जानकारी देने के बहाने सईद अंसारी को बुला लिया गया।
दोपहर करीब 12 बजे जब सईद अंसारी चौकी पहुंचे, तो उन्हें इंस्पेक्टर से वार्ता करने की बात कहकर थाने ले जाया गया। आरोप है कि इसके बाद उनका मोबाइल फोन भी बंद कर दिया गया।
जब पुवायां क्षेत्र में एक बैठक कर रहे जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता और अन्य पदाधिकारियों को मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने कार्यकर्ताओं से थाने पहुंचने का आह्वान किया। शाम करीब साढ़े पांच बजे पदाधिकारी थाने पहुंचे। आरोप है कि वहां इंस्पेक्टर ने पांच लोगों को वार्ता के लिए बुलाया।
इस दौरान पुलिसकर्मियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। कार्यकर्ता भड़क उठे और नारेबाजी करने लगे। नारेबाजी सुनकर अपने चैंबर से निकले इंस्पेक्टर राजीव सिंह ने एतराज किया तो जिलाध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों की उनसे नोकझोंक हो गई। धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद सभी कांग्रेसी वहीं धरने पर बैठ गए और इंस्पेक्टर से बात करने से इन्कार कर दिया।
सूचना मिलते ही सीओ सिटी देवव्रत वाजपेयी मौके पर पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से वार्ता की और सईद अंसारी को छुड़ाया। इसके बाद कांग्रेसियों ने अपना धरना समाप्त किया। जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता, महानगर अध्यक्ष तकवीम, पवन सिंह, रामजी अवस्थी, रफी उल, रचना वाल्मीकि, गौरव त्रिपाठी, फुरकान अहमद कुरैशी, केवी मिश्रा, अनुरोध मिश्रा आदि मौजूद रहे।
बिना अनुमति के मशाल जुलूस निकालना चाह रहे थे इसलिए सईद अंसारी को रोका गया था। उन्हें हिरासत में नहीं लिया गया था।
-देवव्रत वाजपेयी, सीओ सिटी
शाहजहांपुर में थाने से छह घंटे के बाद बाहर निकलते सईद अंसारी। संवाद
शाहजहांपुर में थाने से छह घंटे के बाद बाहर निकलते सईद अंसारी। संवाद