महिला माया देवी का फाइल फोटो। स्रोत: परिजन
तिलहर (शाहजहांपुर)। जोधपुर नवदिया गांव में शुक्रवार शाम 50 वर्षीय माया देवी की मौत के मामले में उनके भाई लखीमपुर खीरी जिले के थाना उचौलिया क्षेत्र के खड़सरा गांव निवासी महताब सिंह ने गैर इरादतन हत्या की प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने अपने जीजा महाराज सिंह व भांजे हरि सुमिरन को नामजद कराया है। शनिवार दोपहर बाद पोस्टमॉर्टम हाउस पर मृतका का छोटा बेटा रिश्तेदार के साथ आकर माया देवी का शव ले गया।
महताब सिंह ने बताया कि शनिवार शाम करीब सात बजे जोधपुर नवदिया गांव निवासी दामाद कुंवर पाल सिंह ने फोन किया। उन्होंने बताया कि छोटी बहन माया देवी को उनके बेटे हरिसुमरन व पति महाराज सिंह ने घरेलू झगड़े में लाठी-डंडों से पीटा। इससे माया देवी की मौत हो गई। शनिवार को पुलिस टीम ने पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के लिए कई जगह पर दबिश दीं। एक टीम को खेतों की ओर भी भेजा। ताकि दोनों का पता लगाया जा सके।
पुलिस ने रिश्तेदारियों में भी दबिश दी हैं। इंस्पेक्टर जुगलकिशोर पाल ने गांव पहुंचकर जांच की। कई लोगों के बयान भी दर्ज किए। बताया जा रहा है दोनों आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया है।
सीओ ज्योति यादव ने बताया कि मृतका के भाई की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। फरार पिता-पुत्र की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की गई हैं।
पारिवारिक विवाद ने लिया हिंसक रूप
-ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार शाम महाराज अपने बेटे हरि सुमिरन के साथ घर की दीवार तोड़ रहा था। इसी दौरान पत्नी माया देवी ने विरोध किया। आरोप है कि विरोध से नाराज होकर महाराज ने बेटे के साथ मिलकर माया देवी पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर चोटें लगने से माया देवी की मौके पर मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि माया देवी के दो बेटे हैं। बड़े बेटे हरि सुमिरन की शादी करीब छह वर्ष पहले हुई है, जबकि छोटा बेटा अतुल नाबालिग है। बताया जा रहा है कि महाराज बड़े बेटे हरि सुमिरन के साथ रहते थे, जबकि माया देवी नाबालिग बेटे अतुल के साथ अलग रह रहीं थीं।