प्रतापपुर में गन्ने के खेत में तेंदुए से बचाव को तैनात वनकर्मी। संवाद
खुटार। गांव प्रतापपुर में बालकराम के खेत में गन्ने की कटाई वनकर्मियों की टीम की मौजूदगी में कराई गई। इस दौरान तेंदुए की लोकेशन जानने को ड्रोन भी उड़ाया गया, लेकिन तेंदुए का पता नहीं चल सका।
प्रतापपुर के बालाकराम के खेत में गन्ने की छिलाई के दौरान 27 दिसंबर को तेंदुआ निकल आया था। खेत में गन्ना छील रहे श्रमिकों ने भागकर जान बचाई थी। इसके बाद बालकराम ने गन्ना छिलाई का काम बंद करा दिया। खेत में तेंदुआ होने की आशंका के चलते आसपास के किसान भी दहशत में थे। वन विभाग की टीम के लगातार कांबिंग करने के बाद भी तेंदुए की लोकेशन ट्रेस नही हो सकी थी। वनकर्मियों ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजड़ा भी लगाया था लेकिन तेंदुआ पिंजड़े के आसपास भी नहीं आया।
बुधवार को खुटार के रेंजर मनोज श्रीवास्तव, सिंधौली के रेंजर दिनेश राव सहित वनकर्मियों की टीम प्रतापपुर पहुंची और तेंदुए की लोकेशन जानने के लिए ड्रोन को उड़ाया, लेकिन लोकेशन पता नहीं लग सकी। इसके बाद वनकर्मियों की मौजूदगी में बालकराम के गन्ने की कटाई कराई गई। बालकराम ने कई श्रमिक लगाकर गन्ना कटवाया।
तेंदुए की तलाश में ड्रोन की मदद ली गई थी, लेकिन तेंदुए की लाेकेशन पता नहीं चल सकी है। बालकराम का गन्ना कटवाया गया है। वनकर्मियों की टीम लगातार निगरानी कर रही है।
- मनोज श्रीवास्तव, रेंजर खुटार
प्रतापपुर में गन्ने के खेत में तेंदुए से बचाव को तैनात वनकर्मी। संवाद