- विशेष प्रशिक्षण केंद्रों पर कहीं बच्चे कम तो कहीं गुरुजी गायब
- जिला समन्वयक विशेष प्रशिक्षण की नजर में सही चल रहे विशेष प्रशिक्षण केंद्र
अमर उजाला ब्यूरो
शाहजहांपुर। विभिन्न कारणों से शिक्षा छोड़ चुके ड्रॉप आउट बच्चों को शिक्षित करने के लिए जिले में प्राथमिक वर्ग के 22 विशेष प्रशिक्षण केंद्रों को संचालित किया जा रहा है। इनमें से अधिकांश केंद्रों पर शिक्षण कार्य की स्थिति ठीक नहीं है। इससे शिक्षा की मुख्य धारा में जुड़ने का सपना संजोए बच्चों का सपना पूरा होता नजर नहीं आ रहा है।
विशेष प्रशिक्षक मौजूद नहीं,
बच्चे भी आधे ही मिले
विशेष प्रशिक्षण केंद्र तारीन टिकली
समय:- 01:17 बजे
प्राथमिक विद्यालय तारीन टिकली में संचालित हो रहे विशेष प्रशिक्षण केंद्र में इंटरवल चल रहा था, प्राथमिक स्कूल के बच्चों को भी मिड डे मील नहीं मिला पाया था। चावल और सब्जी तैयार हो चुकी थी, वितरण शुरू होने वाला था। विशेष केंद्र पर नामांकित 16 बच्चों में आठ बच्चे ही मौजूद मिले, जबकि विशेष प्रशिक्षक अफसार अहमद खां मौजूद नहीं थे, इस संबंध में स्कूल की प्रधानाध्यापक अरुण कुमारी ने बताया कि अफसार अहमद घर पर खाना खाने गए हैं, दो बजे तक वापस आ जाएंगे।
नामांकन 11 का, मौजूद चार,
हाजिरी छह बच्चों की लगी
विशेष प्रशिक्षण केंद्र खलीलशर्की
समय:- 02:28 बजे
यह केंद्र प्राथमिक विद्यालय खलीलशर्की में संचालित हो रहा है। यहां पर प्राइमरी स्कूल में निजी तौर पर रखी गई एक महिला टीचर मोबाइल फोन से बातें करने में मशगूल थी और बच्चे शोर कर रहे थे। वहीं, विशेष प्रशिक्षक सईदा खातून स्कूल के बच्चों और केंद्र के चार बच्चों को संयुक्त रूप से पढ़ा रही थीं। केंद्र पर 11 बच्चों के नामांकन के सापेक्ष रजिस्टर पर छह बच्चों की हाजिरी दर्शाई गई, जबकि मौके पर चार बच्चे ही मौजूद मिले। सईदा ने बताया कि दो छात्राओं को उनके माता-पिता बुला ले ले गए। हाजिरी रजिस्टर पर बच्चों की अनुपस्थिति के स्थान को खाली छोड़ दिया गया था। वहीं, एक कक्ष में बच्चों को दिए जाने वाले बैग रखे हुए थे, जिनका अभी तक वितरण नहीं हो सका था।
‘प्राइमरी वर्ग में जिले भर के 267 ड्रॉप बच्चों को शिक्षित करने के लिए 22 केंद्र सुचारू रूप से संचालित हो रहे हैं। बच्चों को दी जाने वाली स्कूल किट का वितरण 30 तक होना है। किट का वितरण खंड शिक्षा अधिकारियों के सत्यापन के बाद ही किया जाएगा। यदि इसमें लापरवाही होती है, तो इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी भी जिम्मेदार होंगे। ’
- राजेश्वर सिंह, जिला समन्यवक विशेष प्रशिक्षण