फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना से सुरक्षा कवच से लैस हुए 97.69 प्रतिशत किशोर-किशोरियां

विज्ञापन
जैतीपुर में स्वास्थ्य केंद्र पर बच्चों का टीकाकरण करती टीम - फोटो : SHAHJAHANPUR
विज्ञापन
शाहजहांपुर। कोरोना महामारी से बचाव के लिए 15 से 17 वर्ष की उम्र वालों ने गजब का उत्साह दिखाया। नतीजन, टीकाकरण अभियान की शुरुआत होते ही कुछ दिनों में 97.69 प्रतिशत किशोर-किशोरियां पहली डोज के जरिये सुरक्षा के कवच से लैस हो गए हैं। सरकारी से लेकर निजी स्कूलों के बच्चों ने टीकाकरण कराकर खुद को प्रतिरक्षित कर लिया।
विज्ञापन

कोविड-19 के चलते शिक्षण संस्थाओं को बंद कर दिया था। कोरोना आने के बाद शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतर गई। हालांकि, ऑनलाइन माध्यमों से बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखा। कोविड से बचाव के लिए टीका आने के बाद बड़े सुरक्षा कवच से लैस हो गए। उसके बाद 15 से 17 वर्ष की उम्र वालों का टीका लगने का नंबर आया। स्वास्थ्य विभाग ने जनपद के प्राइवेट और सरकारी विद्यालयों में टीकाकरण शिविर लगाकर दो लाख, 10 हजार बच्चों के लक्ष्य के सापेक्ष 2 लाख, 5 हजार, 995 प्रतिशत तक पहली डोज लगाने का काम पूरा कर लिया है।
डरने की जरूरत नहीं, टीका ही बचाएगा
कोरोना ने शिक्षा व्यवस्था को पटरी से उतार दिया। इसलिए, कोरोना से बचाव के लिए पहली वैक्सीन लगवा ली। अभी दूसरी डोज लगवाना है। उसके बाद पूरी तरह से कोरोना से बचाव होने की संभावना है। -वंशिका गोयल, छात्रा, 12वीं
विज्ञापन

-वैक्सीनेशन कराने से पहले काफी डर लग रहा था। जब टीका लगा तो पता ही नहीं चला। टीका लगवाने का अनुभव काफी अच्छा रहा। लोगों को डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि टीका कोरोना से बचाएगा। - अनीजेस सेठ, छात्रा, इंटरमीडियट
कोविड-19 की महामारी ने काफी ज्यादा दहशत फैलाई थी। स्कूल तक बंद हो गए हैं। जिसका असर शिक्षा पर पड़ा। कोविड से बचाव के लिए वैक्सीन लगवा ली। उम्मीद है कि अब स्कूल बंद होने की नौबत नहीं आएगी। - संस्कृति अग्रवाल, छात्रा, 10वीं
कोरोना से बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को वैक्सीन लगवाना चाहिए। टीका लगवाकर हम कोरोना को हरा सकते हैं। दोनों डोज लगवाने के बाद पूर्ण रूप से कोरोना से बचाव होंगे। इसलिए सभी टीका जरुर लगवाएं। -कृष्णा पांडेय, छात्रा, 10वीं
अभिभावक बोले- खुद और बच्चों को लगवाया टीका
-15 से 17 वर्ष के बच्चों को हमने टीका लगवा लिया। कोरोना के दौर में काफी खराब दौर को देखा है। इसलिए वायरस को मात देने के लिए खुद वैक्सीन लगवाई, साथ ही बच्चों के भी टीका लगवाया है। -निर्निमेष शर्मा
-कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण काफी अहम कड़ी है। अपने परिवार के सदस्यों के टीका लगवा लिया, साथ ही बच्चों का वैक्सीनेशन भी करा लिया। टीकाकरण के माध्यम से कोविड को हराया जा सकता है। -डॉ. शाकिर खान
वंडिया खुर्द में पूरा परिवार कोविड सुरक्षा कवच से लैस
जैतीपुर। कोविड महामारी से बचने के लिए वंडिया खुर्द के प्रेमपाल ने अपने पूरे परिवार को कोविड सुरक्षा कवच से कवर कर लिया है। कहते हैं कि कोविड वैक्सीन लगाने के बाद उन्हें या उनके पूरे परिवार के किसी सदस्य को कोई परेशानी नहीं हुई है। परिवार की सीमा और तनिश ने बताया कि सुई चुभने का एहसास भी नहीं हुआ। सीमा कहती है कि सब बच्चों को कोविड वैक्सीन लगवाकर सुरक्षा कवच लेना चाहिए। संवाद
-15 से 17 वर्ष तक का दो लाख, 10 हजार बच्चों को कोविड का टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था। सरकारी और निजी स्कूलों व सार्वजनिक स्थानों पर शिविर लगाकर 97 प्रतिशत तक पहली डोज लगा चुके हैं। लक्ष्य से तीन प्रतिशत दूर रह गए हैं। यह बच्चे पूरे जनपद में बिखरे हुए हैं। जल्द ही इन्हें भी कवर करना है। - डॉ. पीपी श्रीवास्तव, नोडल अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें