जलालाबाद। राम ताल की पैमाइश में उसके दो किनारों पर बीस लोगों के अवैध कब्जे मिले हैं। प्रशासन ने उन्हें नोटिस तामील कराया है। साथ ही आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री संवर्धन योजना के तहत मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं से जुड़ीं सुविधाएं उपलब्ध कराने और परिसर का सुंदरीकरण करने के लिए शासन ने 19 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। करीब पांच साल पहले भारत दर्शन योजना के तहत केंद्र सरकार से मिली सवा दो करोड़ रुपये की धनराशि से राम ताल पर सीढ़ियों के अलावा पाथ-वे का निर्माण किया गया था।
सीढ़ियों के पीछे राम ताल की जमीन पर कुछ लोगों ने अस्थायी कब्जे कर रखे हैं। गत माह यहां आए डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने स्थलीय निरीक्षण कर अवैध कब्जे हटवाने के निर्देश दिए थे। प्रशासन तालाब के पीछे इन कब्जों को हटाकर खाली होने वाली जमीन पर छह मीटर चौड़ा रास्ता निकालकर उसे बारह पत्थर से मुख्य चौराहे पर जाने वाले मार्ग से जोड़ना चाहता है। नायब तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग व नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों की टीम ने राम ताल की नाप भी की थी।
ईओ एचएन उपाध्याय ने बताया कि अवैध कब्जे हटाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। अन्यथा पालिका हटाकर इसमें होने वाला व्यय कब्जेदारों से वसूला जाएगा।