शाहजहांपुर। कोरोना की पहली लहर के दौरान शासन के निर्देश पर जिला कारागार में सजा काट रहे 39 बंदियों को संवेदना के आधार पर रिहा किया गया था। पैरोल अवधि खत्म होने के बाद 16 बंदियों का अता-पता नहीं है। बंदियों के लापता होने से अधिकारी चिंतित हैं। जेल अधीक्षक ने बंदियों की तलाश के लिए एसपी से पत्राचार किया है।
कोविड-19 का ग्राफ बढ़ने के कारण छोटे अपराधों व उम्रदराज बंदियों को पैरोल पर रिहा करने के निर्देश शासन ने दिए थे। शासन का पत्र आने के बाद जिला कारागार से चिह्नित करते हुए 39 बंदियों को रिहा कर दिया गया था। चूंकि, अब कोरोना लगभग खत्म हो चुका है। इसलिए पैरोल अवधि को खत्म कर दिया गया। इसके बाद 23 बंदियों ने वापसी कर ली है। हालांकि, 16 बंदियों का सुराग नहीं लग रहा है। बंदियों के वापस नहीं लौटने से जेल प्रशासन का सिरदर्द बढ़ गया है। बंदियों को पकड़ने के लिए एसपी से पत्राचार किया गया, थानों पर भी संपर्क साधा गया। अभी तक कोई नतीजा सामने नहीं आया है।
जिला कारागार से पैरोल पर छोड़े गए 23 बंदी वापस आ गए हैं। 16 अभी शेष हैं। उनकी गिरफ्तारी कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। थानों पर भी सूचना भेजी गई। उम्मीद है कि जल्द ही बचे बंदी भी जेल में होंगे। - मिजाजी लाल यादव, जेल अधीक्षक