शाहजहांपुर। तीन दिन बारिश के साथ चली तेज हवा से जिले में रबी की करीब 15 फीसदी फसलें बर्बाद होने का अनुमान है। इस बीच, फसलोंं में हुए नुकसान के सर्वे के लिए कृषि विभाग ने न्याय पंचायत स्तर पर 135 टीमें गठित की हैं। टीमों में शामिल कर्मचारियोंं और बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों से प्राप्त नुकसान के आरंभिक आकलन के अनुसार जिन क्षेत्रों में बारिश ज्यादा हुई है, वहां सामूहिक क्षति की तुलना में कुछ किसानों को फसलों का व्यक्तिगत नुकसान अधिक हुआ है।
शुरुआती सर्वे से यह भी जाहिर हुआ है कि शनिवार शाम से मंगलवार तक 39 मिमी बरसात ने फसलों को उतना नुकसान नहीं पहुंचाया, जितना तेज हवा से हुआ। जिले मेें रबी की फसलों के 2.67 लाख हेक्टेयर रकबे में सर्वाधिक नुकसान करीब 2.07 लाख हेक्टेयर में बोई गई गेहूं की फसल को हुआ है। सभी तहसीलों में एसडीएम के नेतृत्व में सक्रिय सर्वे टीमों में रकबा की नाप-जोख के लिए लेखपालों, फसली नुकसान के आकलन को कृषि विभाग के पर्यवेक्षकोंं और नुकसान की भरपाई का अनुमान लगाने के लिए प्रधानमंत्री किसान बीमा योजना के लिए नामित यूनिवर्सल जनरल सोंपो इंश्योरेंस कंपनी के कर्मचारियोंं को शामिल किया गया है।
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बंडा, खुटार में ज्यादा नुकसान की आशंका
तीन-तीन सदस्यीय सर्वे टीमें सभी विकास खंडों में एक साथ न्याय पंचायत स्तर पर फसली नुकसान का जायजा लेने में जुटी हैं। इन टीमों ने पाया कि जिन किसानों के खेत सड़क के किनारे थे, वहां हवा लगने से फसलें भी ज्यादा गिरी हैं। इसी तरह उन किसानों को फसली नुकसान कम हुआ, जिनके खेत किसी बाग अथवा फार्म हाउस की चहारदीवारी के पास हैं। ऐसे खेतों तक हवा के झोंकों का सीधा हमला नहीं हुआ है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी अपने स्तर से किए गए सर्वे में पाया कि पुवायां तहसील के बंडा और खुटार ब्लॉक में बारिश और तेज हवा का प्रकोप ज्यादा होने से वहां गेहूं की फसल ज्यादा गिरी है।
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वायुदाब में भारी गिरावट से फिर बूंदाबांदी के आसार
बूंदाबांदी और बारिश की तीन दिन तक झड़ी लगी रहने के बाद बीते दिन धूप निकली, लेकिन शाम से बादल छाए तो रात में उमस से न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री बढ़कर 15 डिग्री सेल्सियस हो गया। बृहस्पतिवार को दिन की शुरुआत सुबह सूर्योदय के साथ सामान्य तरीके से हुई। बाद में धूप तेज होने से अधिकतम तापमान 12 डिग्री बढ़कर 30 डिग्री सेल्सियस हो गया, लेकिन वायुदाब में सामान्य से 31 अंक की भारी गिरावट के कारण अब फिर से मौसम के करवट लेने की आशंका है। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह का कहना है कि शाम तक बैरोमीटर सूचकांक सामान्य से 21 अंक कम बने रहने के कारण शुक्रवार को फिर बूंदाबांदी और बारिश होने के आसार हैं।
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कट चुकी सरसों सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं किसान
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी और वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी के अनुसार सरसों की अधिकांश फसल कट चुकने के कारण उसे नुकसान कम हुआ, लेकिन केंद्र के कृषि प्रक्षेत्र पर करीब दो-तीन एकड़ गेहूं गिर गया। उनका कहना है कि दो दिन धूप मिलने पर भीगकर खेतों में गिरी गेहूं की फसल सूखने के बाद खराब होने से बच जाएगी, लेकिन सीधी नहीं होगी। इससे गेहूं की प्रभावित फसल के सामान्य उत्पादन में थोड़ी कमी आ सकती है। उन्होंने किसानों को सुझाव दिया है कि सरसों की जों फसल कटने के बाद खेतों में पड़ी रहने से भीग गई है, उसे तत्काल सूखे स्थान पर रखें और दो-तीन दिन नियमित रूप से धूप दिखाएं।
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फसली नुकसान का जायजा लेने के लिए सर्वे अभी जारी रहेगा, लेकिन आरंभिक आकलन के अनुसार जनपद में लगभग 10 से 15 प्रतिशत फसलें खराब होने की आशंका है। भावलखेड़ा ब्लॉक के कुतुआपुर गांव में मैं स्वंय सर्वे करने गया, जहां अधिकांंश किसानों के खेतों के कुछ हिस्से में गेहूं गिरा है, जबकि कई किसानों की पूरे खेत की फसल गिर गई। ऐसे किसानों से सूचना मिलने पर उन्हें हुए फसली नुकसान का अलग से सर्वे कराया जाएगा ताकि उन्हें शासन से उचित क्षतिपूर्ति कराई जा सके। मुआवजा के पात्र वही कियान होंगे, जिनके खेत में एक तिहाई अथवा इससे जयादा फसलें गिरी हैं। - धीरेंद्र सिंह, उप कृषि निदेशक