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Sant Kabir Nagar News: उम्मीद में बीता साल, बस अड्डा मिला न मेडिकल कॉलेज

Thu, 26 Dec 2024 03:55 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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मीरगंज यही पर बनाया जाना था रोडवेज बस स्टेशन लेकिन नहीं बना।
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संतकबीरनगर। साल 2024 बीतने को है, लेकिन इस वर्ष भी जिले में बस डिपो और मेडिकल कॉलेज की आस अधूरी रह गई है। मीरगंज में बस डिपो के लिए जमीन परिवहन निगम के नाम पर दर्ज हो चुकी है, बजट भी स्वीकृत है। इसके बाद भी निर्माण की दिशा में एक कदम भी नहीं बढ़ा। यात्रियों को जिला मुख्यालय के मेंहदावल बाईपास पर स्थित अस्थायी बस स्टॉप पर खुले आसमान के नीचे बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं मेडिकल कॉलेज के लिए चयनित संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में कोई काम नहीं हुआ है।
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वर्ष 1997 में 27 साल पूर्व जिले के सृजन के बाद से ही लोग बस डिपो की उम्मीद लगाए हुए हैं। इस बीच कई स्थानों पर भूमि का चिह्नीकरण किया गया, लेकिन स्वीकृति नहीं मिली। काफी मुश्किलों के बाद प्रशासन ने शहर से करीब छह किलोमीटर दूर जमीन चिह्नित किया और परिवहन निगम के नाम पर खताैनी में दर्ज करा दी। इसके बाद प्रशासन ने बस डिपो के लिए प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति के लिए शासन को भेजा। इसके लिए 15 करोड़ रुपये भी स्वीकृत हो चुके हैं, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
ऐसे में लोगों को इस साल भी बस डिपो मिलने की आस अधूरी रह गई है। लोग मेंहदावल बाईपास पर स्थित अस्थायी बस स्टाॅप पर मौसम की मार झेलते हुए बसों का इंतजार करने को मजबूर हैं। यहां न तो बैठने के लिए बेंच लगे हैं और न ही यात्री शेड है। शहर के निवासी दुर्गेश मौर्य, अरविंद कुमार आदि ने कहा कि बस डिपो न होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसका इंतजार कब पूरा होता है, इसके बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।
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मशक्कत के बाद मिली मेडिकल काॅलेज के लिए जमीन
एक जिला, एक मेडिकल काॅलेज योजना के तहत जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन ने मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की घोषणा की। इसके लिए पहले मगहर कताई मिल परिसर और बनकटिया में जमीन चिह्नित किया गया, जो तकनीकी कारणों से पास नहीं हो पाया। फिर प्रशासन ने संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में मेडिकल कॉलेज बनाने का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा। इसके तहत मरीजों का इलाज यहां होना है, जबकि हाॅस्टल व पढ़ाई के लिए जंगलऊन में जमीन चिह्नित की गई है। अब तक मेडिकल कॉलेज के निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ है, ऐसे में गंभीर मरीजों को रेफर किया जा रहा है। यदि मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो जाए तो मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकती है। वहीं चिकित्सा शिक्षा को भी बेहतर आयाम मिल सकता है।
कोट
बस डिपो व मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन चिन्हित है। मीरगंज में बस डिपो बनना है, इसके लिए शासन की स्वीकृति मिल गई है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज के भी जिला अस्पताल परिसर में निर्माण कराया जाना है। जल्द ही कार्य शुरू कराए जाएंगे।
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