समूह गठित कर रोजगार से जोड़ी जाएंगी महिलाएं
इस साल 4196 नए समूह बनाने का निर्धारित है लक्ष्य
समूह गठन के तीन महीने के बाद 15 हजार रुपये दिए जाते है रिवाल्विंग फंड
संतकबीरनगर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत समूह गठित कर महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा। इस वर्ष 4196 नए स्वयं सहायता समूह गठित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें सीएम के 100 दिन के अभियान में 1200 समूह गठित किए जाएंगे।
वित्तीय वर्ष 2022-23 में 4196 नए समूह गठित करने का लक्ष्य शासन ने निर्धारित किया है। बघौली ब्लॉक में 572, बेलहर में 329, हैंसर बाजार में 431, खलीलाबाद में 356, मेंहदावल में 552, नाथनगर में 504, पौली में 310, सांथा में 442 और सेमरियावां में 700 स्वयं सहायता समूह बनाए जाएंगे। लक्ष्य के मुताबिक अब तक 372 समूह बनाए जा चुके है। समूह गठन के तीन महीने के बाद रिवाल्विंग फंड देने का नियम है।
वर्तमान में 4809 समूह हैं। इनमें से 896 समूहों से बैंकों से लिंक किया जाएगा। डीसी एनआरएलएम जीशान रिजवी ने बताया कि पूर्व में गठित 667 समूहों को रिवाल्विंग फंड दिया गया है। इसमें प्रत्येक समूह को 15 हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। उन्होंने बताया कि शासन से 4196 नए समूह गठित किए जाने का लक्ष्य मिला है। इसे गठित करने के लिए जिले की 16 टीमें और बस्ती की 15 टीमें लगाई गई हैं। सीएम के 100 दिन के अभियान में 1200 समूह बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि सामुदायिक निवेश निधि के तहत समूहों को 1.10 लाख रुपये खाते में देने का नियम है। समूहों को फिर इस रकम को किस्तों में लौटानी होती है। उन्होंने बताया कि समूहों के माध्यम से तरह-तरह के उत्पाद तैयार कराए जाते हैं। समूह तैयार उत्पाद को बाजार में बेचकर लाभ कमाते हैं।