संतकबीरनगर। माध्यमिक स्कूलों में मिड-डे-मील बच्चों को नहीं दिया जा रहा है। डीआईओएस के निरीक्षण में यह मामला सामने आया है। जिसके बाद डीसी समग्र शिक्षा को नोडल बनाया गया है। विद्यालय में बच्चों को भोजन करने का पांच फोटो भेजना प्रतिदिन अनिवार्य कर दिया गया है। जिस दिन प्रधानाचार्य फोटो नही भेजेंगे उस दिन का भोजन शून्य माना जाएगा।
डीआईओएस हरिशचंद नाथ पिछले एक सप्ताह से लगातार माध्यमिक विद्यालयों का निरीक्षण कर रहे हैं। जहां पर उन्हें मध्याह्न भोजन बनते हुए नहीं मिला है। राजकीय से लगाय एडेड स्कूल मध्याह्न भोजन बनाने में लापरवाही बरत रहे हैं। जिसकी वजह से माध्यमिक स्कूलों में इसका संचालन नहीं हो पा रहा है। इस मामले में मिड-डे-मील सेल भी अपनी जिम्मेदारी से पीछे हटा हुआ है।
डीआईओएस ने बताया कि राजकीय व एडेड स्कूलों के निरीक्षण में अधिकांश विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजना का संचालन नहीं पाया जा रहा है। विद्यालयों में संचालित मध्यान्ह भोजन योजना की प्रत्येक दिन अनुश्रवण करने के लिए एमडीएम माध्यमिक प्रधानाचार्य ग्रुप के नाम से एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है, जिसमें समस्त प्रधानाचार्यों को जोड़ दिया गया है तथा प्रत्येक विद्यालय में एमडीएम संचालन की स्थिति से निपटने के लिए जिला समन्वयक समग्र शिक्षा धर्मेन्द्र कुमार मिश्र को नोडल बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि सभी प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया गया है कि ग्रुप में प्रत्येक कार्यदिवस में निर्धारित मीनू के अनुसार एमडीएम बनने व उपस्थित छात्र-छात्राओं की संख्या तथा एमडीएम ग्रहण करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या के साथ एमडीएम खाते समय का पांच फोटो भेजना अनिवार्य है। जिस दिन एमडीएम की सूचना ग्रुप पर नहीं भेजी जाएगी, उस दिन यह माना जाएगा कि उक्त तिथि को विद्यालय में एमडीएम नहीं बना था। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।