संतकबीरनगर। शुगर और बसा के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। असंतुलित दिनचर्या को लेकर खानपान तक में बरती जा रही लापरवाही से युवाओं से लगायत बच्चों तक में यह समस्या देखने को मिल रही है।
इसे लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े विद्यालयों से लेकर परिषदीय विद्यालयों तक में बच्चों को इससे बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा। विद्यालयों में बकायदा प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को शुगर व वसा के कारण व निवारण के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही स्कूलों में जागरूकता बोर्ड भी लगेंगे।
विद्यालयों में बकायदा प्रार्थना सभा में विद्यार्थियों को शुगर व वसा के कारण व निवारण के बारे में जानकारी देते हुए कौन चीज कितनी खानी है। किससे परहेज करना है और किस खाद्य पदार्थ के सेवन से समस्या बढ़ती है आदि का न सिर्फ पाठ पढ़ाया जाएगा, बल्कि विद्यालय परिसर में बोर्ड लगाकर इसे अंकित भी किया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर सचिव प्रशासन के आए पत्र के बाद महकमा इसका पालन कराने की तैयारी में जुटा है। जिले में कुल 1247 परिषदीय और 280 माध्यमिक विद्यालयों संचालित हैं। दोनों में करीब दो लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। जागरूकता के अभाव में युवा और बच्चे चीनी से लेकर तैलीय खाद्य पदार्थों का अत्यधिक सेवन कर रहे हैं। इसके साथ ही अनियमित दिनचर्या आदि के चलते शुगर व वसा की बीमारी बढ़ रही है।
बच्चों व युवाओं को प्रभावित होते देख स्वास्थ्य संगठन की ओर से चिंता के बाद विद्यार्थियों को अत्यधिक चीनी, तैलीय व शुगर व वसा को बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से उत्पन्न स्वास्थ्य समस्या से सचेत करने की योजना बनाई गई है। डीआईओएस हरिशचंद नाथ ने बताया कि शासन का उद्देश्य भोजन के स्वस्थ विकल्पों को बढ़ावा देना है। बच्चों में संतुलित भोजन के आदतों को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने बताया कि इसके लिए स्कूलों में जागरूकता बोर्ड भी लगाए जाएंगे।