संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थान की ओर से संचालित ऑनलाइन संस्कृत भाषा शिक्षण कक्षा के अंतर्गत प्रेरणा सत्र आयोजन किया गया। सत्र का आरंभ डॉ. निवेदिता ने मंगलाचरण से किया गया। प्रशिक्षक गणेश द्विवेदी ने अतिथियों का परिचय कराते हुए सभी का स्वागत किया। प्रशिक्षुओं में हृषिकेश, समृद्धि गुप्ता, पद्मा अग्रवाल, गौरी आदि ने अनुभव कथन और गीत प्रस्तुत किए। प्रशिक्षक शशिकांत ने कार्यक्रम की रूपरेखा और संयोजन किया।
प्रेरणा सत्र के वक्ता डॉ. धनंजय कुमार आचार्य ने कहा कि जहां जाएंगे, संस्कृत बोलेंगे, वहीं संस्कृत का प्रचार-प्रसार होगा और उसी से संस्कृत युग आएगा। डॉ. आचार्य ने कहा कि जब हम संस्कृत का आचरण करेंगे, तभी संस्कृत का वातावरण बनेगा। यदि हम अपने जीवन में छोटे-छोटे वाक्यों का प्रयोग संस्कृत में करते हैं तो समाज हमारे व्यवहार से प्रेरित होगा। इससे संस्कृत बोलने में समर्थ लोगों की भावना को बल मिलेगा।