केस नहीं दर्ज होने पर थाने के सामने खुद पर पेट्रोल उड़ेला
धनघटा (संतकबीरनगर)। पुलिस पर मुकदमा दर्ज करने में हीलाहवाली करने का आरोप लगाकर एक व्यक्ति ने धनघटा थाने के गेट पर मंगलवार की शाम को अपने शरीर पर पेट्रोल छिड़कर आग लगाने की कोशिश की। उसे ऐसा करता देखकर दौड़े पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़कर शरीर में आग लगाने से बचा लिया। पुलिस उसे थाने के अंदर ले गई। घटना देख कर वहां मौजूद लोग दंग रह गए। आत्मदाह की कोशिश करने वाले व्यक्ति की पत्नी विधायक का चुनाव लड़ चुकी है।
विधानसभा क्षेत्र धनघटा से विधायक के लिए चुनाव लड़ चुकीं मझौरा गांव निवासी कुसुम देवी का कहना है कि सोमवार की शाम उनके 50 वर्षीय पति रामनाथ बंडा बाजार से बाइक से घर लौट रहे थे। आरोप है कि हांसडाडी गांव निवासी एक युवक ने उसके पति को पुरानी रंजिश के चलते अपने घर के सामने पीटकर घायल कर दिया। कुसुम देवी का आरोप है कि सोमवार की शाम को ही थाने में पहुंचकर इस मामले में तहरीर दी गई। पुलिस से आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई। पुलिस ने मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। मंगलवार को कुसुम अपने पति और समर्थक महिलाओं के साथ थाने पर पहुंचीं।
उन्होंने फिर से मुकदमा दर्ज दर्ज करने की मांग की। उनका आरोप है कि पुलिस फिर से मामले में हीलाहवाली करने लगी। उसके बाद रामनाथ पेट्रोलपंप पर पहुंच गए और एक बोतल में पेट्रोल खरीद कर लाए। उसके बाद धनघटा थाना गेट के सामने पहुंचकर रामनाथ ने अपने शरीर पर पेट्रोल को उड़ेल लिया। रामनाथ को ऐसा करते देखकर थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। पुलिसकर्मी दौड़ कर मौके पर पहुंचे और रामनाथ को पकड़कर अंदर ले गए। एसओ विनय पाठक ने बताया कि तहरीर मिलने पर आरोपित मोनू पांडेय के खिलाफ मारपीट एवं एससीएसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस पर हीलाहवाली करने का आरोप गलत है।
वहीं, एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने बताया कि जैसे ही मामला संज्ञान में आया, वैसे ही पीड़ित का केस दर्ज कराया गया। केस दर्ज करने में हीलाहवाली के आरोपों की जांच कराई जाएगी। आत्महत्या का प्रयास अपराध की श्रेणी में नहीं है।
... तो अब भी पंप पर बोतल में भी हो रही पेट्रोल की बिक्री
इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ ही रहे हैं, बल्कि खुले और बोतल में भी पेट्रोल की बिक्री होना उजागर हो गया। नियम है कि पंप पर पेट्रोल सिर्फ वाहनों में ही दिया जा सकता है। बोतल या किसी अन्य पात्र में पेट्रोल देने की मनाही है। कुछ आपराधिक मामलों को ध्यान में रखते हुए और हादसों को रोकने के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई गई है। इसके बावजूद, पीड़ित व्यक्ति को पंप पर बोतल में पेट्रोल दे दिया गया। एसपी डॉक्टर कौस्तुभ ने कहा कि इस मामले में संबंधित पंप के कर्मियों की जांच डीएसओ से कराए जाने के लिए पत्राचार किया जाएगा। साथ ही पंपों पर नजर रखी जाएगी।