बारिश में फिर शहर में बाढ़ जैसे हालात, घरों में कैद रहे लोग
जल निकासी के लिए कई जगह पर काटी गई सड़क, कार्यालयों, स्कूल परिसरों में भरा पानी, प्रभावित हुई बिजली आपूर्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। पिछले 48 घंटे से रुक-रुक कर हो रही बारिश के चलते शहर से लेकर गांव तक जन जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। खलीलाबाद शहर के मुख्य मार्गों पर एक बार फिर बाढ़ जैसा हालात दिखाई दे रहे हैं तो मोहल्लों में भारी जलभराव होने के कारण लोग घरों में कैद हो गए हैं। जल निकासी के लिए नगर पालिका प्रशासन को शहर में कई स्थानों पर सड़कों को काटना पड़ा है। इसके बाद भी लोगों को राहत नहीं मिली है। स्कूल-कॉलेज परिसर के साथ ही सरकारी कार्यालयों के परिसरों में पानी जमा होने से परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पिछले माह हुई मूसलाधार बारिश में भारी जलभराव को देखते हुए नगर पालिका प्रशासन ने तमाम इंतजाम किए थे, लेकिन दो दिनों से हो रही बारिश ने नगर पालिका परिषद की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थिति यह है कि मुख्य मार्ग पर बैंक चौराहा, डाक बंगला के सामने, गोलाबाजार में घुटने तक पानी लगा हुआ है। ऐसी ही स्थिति आजाद चौक से मेंहदावल बाईपास चौराहे तक जाने वाली सड़क की भी है। डिवाइडर के एक तरफ भारी जलभराव बना हुआ है। विधियानी मोड़ पर सड़क के आर-पार पानी बह रहा है। घोरखल, विधियानी, तितौवा, मड़या, सरयू नहर कॉलोनी आदि क्षेत्रों में रहने वाले लोग घरों में कैद हो गए हैं। सरकारी कार्यालयों के परिसरों में भी पानी भरा हुआ है। इसमें सीएमओ कार्यालय के गेट, जिला अस्पताल परिसर, बीएसए कार्यालय, विकास भवन परिसर में आना-जाना मुश्किल हो गया है। जूनियर हाईस्कूल परिसर, मडया प्राथमिक विद्यालय सहित विभिन्न विद्यालयों के परिसरों में पानी भर गया है। इस संबंध में नगर पालिका परिषद के ईओ सुरेश मौर्य ने कहा कि जलनिकासी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश होने के कारण समस्या आई है। कर्मचारियों को लगाया गया है। जल्द ही जलनिकासी हो जाएगी।
बिजली आपूर्ति बाधित
लगातार हो रही बारिश के बीच कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। खलीलाबाद दक्षिणी क्षेत्र के नहसापार, केरमुआ, चकदही, धरैची, दुबौली आदि गांवों में शुक्रवार की आधी रात से ही बिजली गुल रही। उपभोक्ताओं की शिकायत के बाद शनिवार को दिन में करीब डेढ़ बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी।
इंसेट-
भारी जलभराव से बढ़ रहा आक्रोश
बारिश के चलते हुए भारी जलभराव से जूझ रहे लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शहर के निवासी दिलीप कुमार, महेश कुमार, चंद्रिका आदि ने कहा कि कुछ दिनों पूर्व भी ऐसे ही हालात पैदा हुए थे। इसके बाद पालिका प्रशासन ने दावा किया कि जलनिकासी के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं, लेकिन फिर वही स्थिति आ गई है। लोगों ने कहा कि जलनिकासी के लिए स्थायी इंतजाम किए जाएं।
गन्ना और धान की फसल को नुकसान
लगातार हुई बारिश से गन्ना व धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। धान की फसल कई जगह पर तेज हवा के चलते गिर गई है। इसके साथ ही अगैती धान की फसल भी प्रभावित होगी। कारण यह है कि खेतों में पानी भरने धान की कटाई कर पाना संभव नहीं है। इससे गेहूं की फसल के लिए तैयारी पर भी असर पड़ेगा। जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने बताया कि दो दिनों में 15 मिलीमीटर वर्षा हुई है। रविवार को भी बारिश होने के आसार है। निचले सतह वाले खेतों में पानी जमा होने से धान की फसल को नुकसान पहुंचेगा। सब्जी की खेती के लिए भी बारिश नुकसानदायक साबित होगी। इसके लिए जरूरी है कि खेतों से पानी की निकासी के लिए किसान इंतजाम करें। तेज हवा चलने से फसल के लुढ़कने का भी खतरा बढ़ा है।
इंसेट
रोज कमाने-खाने वालों की बढ़ी मुसीबत
दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से रोज कमाने और रोज खाने वालों के समक्ष समस्या उत्पन्न हो गई। खास कर दिहाड़ी मजदूर, चाट वाले और ठेले वाले परेशान रहे। मजदूर महंगू, राजकुमार, राम सहाय और राजमन ने कहा कि बारिश की वजह से काम नहीं मिला। मेहनत मजदूरी से ही घर का चूल्हा जलता है। उधार लेकर ही घर काम चलेगा। वहीं, चाट वाले धर्मेंद्र और श्याम मोहन बताते हैं कि बारिश में चाट व फुलकी की दुकान नहीं लगा पाए। दो दिनों से ऐसे हालात हैं। कोरोना वैसे ही आर्थिक कमर तोड़ चुकी है, अब बारिश मुसीबत बढ़ा रही है।