डीपीआरओ ने 15 दिन की दी थी मोहलत
- एप में गड़बड़ी, जियो टैग के लिए फिर मिला 15 दिन का समय
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शासन के निर्देश के बाद भी ग्राम पंचायतों में बने सोख्ता, खाद गड्ढे व नाली के जीयो टैग का काम पूरा नहीं हो पाया। इस पर डीपीआरओ अविनाश कुमार ने एडीओ पंचायत व खंड प्रेरकों को कांफ्रेसिंग में समय से काम पूरा करने की चेतावनी के 15 दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस है। बुधवार को एक बार फिर डीपीआरओ ने चेतावनी एडीओ पंचायत को चेतावनी देकर 15 दिन का समय और दिया है। काम समय से पूरा न होने की वजह मोबाइल एप में तकनीकी गड़बड़ी बतायी जा रही है।
एक सितंबर 2022 से पहले, मनरेगा से 15वें वित्त आयोग से गांवों में बने सोख्ता, खाद गड्ढे और नाली की मोबाइल एप से जीयो टैग कराना है। शासन के निर्देश के अलावा जिला पंचायत राज अधिकारी ने समय से जीयो टैग का काम पूरा करने के निर्देश दिए है। बावजूद इसके भी काम पूरा नहीं हुआ। बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायतों में सोख्ता, खाद के गड्ढे व नाली के जियो टैग में विलंब का कारण मोबाइल एप तकनीकी गड़बड़ी होना है।
ग्राम पंचायतों में बने सोख्ता, खाद गड्ढों और नाली के जियो टैग का काम अपेक्षित गति से नहीं हो पा रहा है। इसका एक कारण एप में गड़बड़ी है। कार्यस्थलों के चिह्नांकन का कार्य अधिकांश पूर्ण हो चुका है। 15 दिन में जियो टैग के निर्देश दिए गए हैं।
- अविनाश कुमार, डीपीआरओ