बखिरा। थाना क्षेत्र में गोवंश तस्करी का एक वीडियो सामने आने के बाद हड़कंप मच गया। पुलिस ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। पुलिस का कहना है कि वायरल हो रहा वीडियो भ्रामक है और मामले की जांच की जा रही है।
ग्रामीणों का दावा है कि 25 सितंबर की रात करीब 2 बजे बखिरा थाना क्षेत्र के सगरा गांव के पास एक पिकअप वाहन को रोककर उसमें सवार गोवंश ले जा रहे युवकों को पकड़ा। उनका आरोप है कि यह गोवंश तस्करी का मामला है। ग्रामीणों ने युवकों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान कथित धक्का-मुक्की में एक ग्रामीण के हाथ पर चाकू से चोट लगने की बात भी सामने आई है।
वायरल वीडियो में पिकअप वाहन के अंदर एक बछड़ा दिखाई दे रहा है। जिसे ग्रामीण गो तस्करी का सबूत मान रहे हैं। एसओ बखिरा राकेश कुमार सिंह ने ग्रामीणों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की जांच में गो तस्करी की कोई पुष्टि नहीं हुई है। पिकअप वाहन में लकड़ी ढोने का काम करने वाले तीन हिंदू और दो मुस्लिम युवक सवार थे, जो अपने काम से लौट रहे थे।
उन्होंने दावा किया कि वायरल वीडियो भ्रामक है और लगाए गए आरोप बिल्कुल निराधार हैं। पिकअप वाहन सहजनवां के निकट प्लाई कारखाने में लकड़ी आपूर्ति करते हैं। अफवाह फैलाने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि बिना तथ्यों के सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो प्रसारित करना कानूनन अपराध है। पुलिस फिलहाल इस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।