- खाद की कालाबाजरी पर सख्त दिखे डीएम, दिए निर्देश
कृषि, पशुपालन और उद्यान सहित कई विभागों की समीक्षा बैठक की
संतकबीरनगर। कलक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को डीएम महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में विकास कार्यों की बैठक हुई। जिनमें कृषि विभाग, पशुपालन, उद्यान, मत्स्य विभाग के कार्यों में प्रगति एवं विभागों द्वारा संचालित विकास व लाभार्थी परक योजनाओं में लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति, गुणवत्ता एवं कार्ययोजना पर चर्चा की गई। डीएम ने कहा कि जो किसानों 10 बोरी से अधिक उर्वरक की खरीदारी कर रहे हैं उनका भी सत्यापन कराएं ताकि यह पता चल सके कि संबंधित किसान को इसकी आवश्यकता है या उसके द्वारा कालाबाजारी की जा रही है।
डीएम ने जनपद के सरकारी उर्वरक बिक्री केंद्रों, सहकारी समितियों एवं प्राइवेट उर्वरक विक्रेताओं द्वारा उर्वरकों की बिक्री करने के मानकों की जानकारी प्राप्त करते हुए कृषि विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया। कहा कि किसानों से इसका फीडबैक लिया जाए कि उनके द्वारा क्रय की जा रही खाद का मूल्य सरकारी एवं प्राइवेट दुकानों पर समान दर है या नहीं। इसके लिए एक दिन का अभियान चला कर गांव में किसानों से बात की जाए।
कहा कि विभाग द्वारा इसका भी नियमित तौर पर निरीक्षण किया जाता रहे कि उर्वरक विक्रेताओं द्वारा खाद की बिक्री के समय किसानों को अलग से कोई पैकेट, रासायनिक दवा, बीज को खरीदने के लिए विवश न किया जाए। ऐसा पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरूद्ध कार्रवाई की जाए। डीएम ने कहा कि जो किसानों 10 बोरी से अधिक उर्वरक की खरीदारी कर रहे हैं उनका भी सत्यापन कराएं ताकि यह पता चल सके कि संबंधित किसान को इसकी आवश्यकता है या उसके द्वारा कालाबाजारी की जा रही है। डीएम ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित अन्य लाभार्थीपरक योजनाओं की समीक्षा की।
इस अवसर पर सीडीओ जयकेश त्रिपाठी, उप कृषि निदेशक डाॅ. राकेश कुमार सिंह, सीवीओ एसके तिवारी, भूमि संरक्षण अधिकारी सीपी सिंह, जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल, सहायक अभियंता लघु सिंचाई अश्वनी शुक्ल समेत अन्य मौजूद रहे।